चांदनी चौक लोकसभा सीट ने अपनी रौनक एक बार फिर बिखेरी है। दिल्ली की सबसे छोटी लोकसभा सीट में शुमार इस सीट से जीत दर्ज करने वाले सांसद हर्षवर्धन भी नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में शामिल किए गए हैं।
इस सीट से जीतने वाले सांसद को लगातार तीसरी बार केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है।
मोदी की कैबिनेट में दिल्ली से सिर्फ हर्षवर्धन ही लिए गए हैं। उन्हें स्वास्थ्य मंत्रालय दिए जाने की संभावना है। इस सीट का इतिहास भी रहा है कि यहां से जीतने वाले सांसदों ने राजनीति में काफी ऊंची छलांग लगाई है।
जो जीता, चमकी उसकी किस्मत
पिछले दोनों लोकसभा चुनाव में यहां से कांग्रेस के सांसद कपिल सिब्बल रहे। यूपीए-1 और यूपीए-2 सरकार में सिब्बल लगातार केंद्रीय मंत्री के पद पर रहे। इस लोकसभा सीट से सिब्बल के पहले विजय गोयल अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में राज्यमंत्री के तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय में रहे।
1984 और 1989 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से जीतने वाले कांग्रेस के सांसद जेपी अग्रवाल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर रहे।
1977 लोकसभा चुनाव में इस सीट से जीतने वाले सिकंदर बख्त को पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की सरकार में विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। 1971 के लोकसभा चुनाव में जीतने वाली सुभद्रा जोशी का कद भी कांग्रेस पार्टी के संगठन में काफी ऊंचा रहा।
कौन हैं डॉ. हर्षवर्धन?
13 दिसंबर 1954 को दिल्ली में जन्मे हर्षवर्धन ने एंग्लो संस्कृत विक्टोरिया जुबली सीनियर सेकेंडरी स्कूल दरियागंज और गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज कानपुर से एमबीबीएस व एमएस की पढ़ाई पूरी की।
डॉक्टर के तौर पर काम करने वाले हर्षवर्धन को दिल्ली विधानसभा चुनाव के वक्त प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सीएम प्रोजेक्ट किया गया। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं।
1993 में कृष्णानगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। दिल्ली सरकार में कानून, स्वास्थ्य व शिक्षा मंत्री की भूमिका में रहे। 1994 में पोलियो उन्मूलन प्रोग्राम शुरू किया और चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र से पहली बार चुनाव लड़े और सांसद बने। हरियाणा के प्रभारी की भूमिका में भी रह चुके हैं।