पुरानी दिल्ली के बल्ली मारान विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके कांग्रेस प्रत्याशी हारुन यूसुफ एक बार फिर चुनावी जंग में हैं। विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे यूसुफ का कहना है कि इस बार चौंकाने वाले परिणाम होंगे। सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर विरोध करने वाले बेगुनाहों पर हुई कार्रवाई को ज्यादती करार देते हुए इसे दिल्ली के विकास की राह में रोड़ा बताया। अमर उजाला संवाददाता सर्वेश कुमार ने कांग्रेस प्रत्याशी हारुन यूसुफ से बातचीत की-
चुनाव में कांग्रेस की तैयारी कैसी है, मतदाताओं से समर्थन की कितनी उम्मीद है?
पांच बार विधायक रह चुका हूं, इसलिए वहां की एक-एक ईंट से वाकिफ हूं। मतदाताओं का समर्थन पहले से और अधिक मिल रहा है। परिणाम चौंकाने वाले होंगे।
क्या हैं इस बार चुनाव के मुद्दे?
कांग्रेस ने हमेशा विकास कार्य किए हैं। इस बार भी इसी मुद्दे पर पार्टी चुनाव लड़ेगी और जीत भी होगी। स्वास्थ्य और शिक्षा की हालत बेहद खराब है। न तो पर्याप्त स्कूल हैं और न ही स्वास्थ्य सुविधाएं।
सीएए और एनआरसी के मुद्दे पर कांग्रेस का क्या कहना है?
जेएनयू और जामिया सहित देशभर के 29 विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। बेगुनाहों को लहूलुहान करने की बजाय शांतिपूर्ण तरीके से इस मसले का हल निकाला जाना चाहिए। सत्याग्रह पर अंकुश लगाने की कोशिश कर प्रजातंत्र के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
आपकी पार्टी के स्टार प्रचारक देर से मैदान में क्यों उतरे?
स्टार प्रचारकों के उतरने से पहले सभी सीटों पर प्रत्याशी स्थानीय स्तर पर सघन अभियान चला रहे हैं। चूंकि पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किए गए कार्यों का दिल्ली वासियों को पता है। लोकसभा चुनाव के दौरान कई विधानसभा सीटों पर मतदाताओं का समर्थन दिखा भी।