हापुड़ नाबालिग की दुष्कर्म के बाद कत्ल के साथ इस हृदय विदारक घटना के दौरान पीड़ित परिवार और नौकरों के बीच के नौ साल के भरोसे का भी कत्ल हुआ था। परिवार के लोग आज भी इस बात से आहत हैं कि आखिर परिवार के तरह घर में घुल मिलाकर रहने वाले नौकरों ने उनके भरोसे का कत्ल कर दिया।
मृतका के पिता की भैंसों की डेयरी है। वर्षों से वे भैंसों को पालते हैं और दूध बेचकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। घटना से करीब नौ साल पहले अंकुर तेली उनके यहां नौकरी करने आया था, उसके काम करने के तरीके और व्यवहार के कारण वह कुछ दिन में ही परिवार का हिस्सा बन गया।
यहां तक की मृतका के पिता उस पर इतना भरोसा करने लगे कि दूध का हिसाब भी वह खुद ही कर देता था और रुपये का लेनदेन भी उसके माध्यम से हो जाता था। उसके करीब पांच साल बाद डेयरी पर सोनू उर्फ पउआ को रखा गया।
जैसे-जैसे समय बीता परिजनों को दोनों पर परिजनों को इतना विश्वास हो गया कि दोनों ही परिवार में पूरी तरह घुल मिल गए। दोनों ही परिवार के एक हिस्से की तरह थे। यही कारण था कि घटना के दिन पीड़िता के पिता खेत गए हुए थे और दोनों नौकरों को अपने साथ नहीं ले गए थे, लेकिन इस सब के बावजूद दोनों ने इस घटना के साथ उस भरोसे का भी कत्ल कर दिया। भरोसे को तार तार करने वाली इस घटना में आया यह फैसला ऐसा काम करने वाले लोगों के लिए नजीर बनेगा।