विधिक माप अधिनियम का उल्लंघन के फेर में हरिद्वार की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड कंपनी आ गई। साबुन बनाने में नियमों का उल्लंघन करने पर विधिक माप विभाग ने बाबा रामदेव की कंपनी पर कार्रवाई की है।
विधिक माप अधिनियम के तहत पैकेज्ड नियमावली का उल्लंघन करने पर विभाग ने 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। कंपनी ने अपनी गलती स्वीकारते हुए विभाग में जुर्माना जमा करा दिया है।
विधिक माप विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश प्रजापति ने बताया कि कंपनी ने पैकेज्ड नियमावली 2011 की अनुसूची दो के क्रमांक 15 (बी) का उल्लंघन किया था। पतंजलि कंपनी अपना डिश बार (साबुन) बनाकर बेचती है।
कंपनी ने डिश बार का वजन 210 ग्राम और ऑन्स की मात्रा घोषित की, जो गैर कानूनी है। दूसरी ओर साबुन के पैक के एक ओर 200 ग्राम और दूसरी ओर 210 ग्राम छपा है। कंपनी ने ग्राहकों को भ्रमित किया है।
आचार्य बालकृष्ण बोले
विभाग ने 29 अक्तूबर 2014 को कंपनी को नोटिस जारी किया गया। नोटिस में पांच डायरेक्टर, जिसमें आचार्य बाल कृष्ण, स्वामी मुक्तानंद, अजय कुमार आर्य, राकेश मित्तल और सुमेधा के साथ कंपनी को दोषी माना गया था। इनमें से प्रत्येक पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
कंपनी ने गलती स्वीकारते हुए 1.50 लाख रुपये का जुर्माना जमा करा दिया है। डिश बार को यह होना चाहिए वजन : पैकेज्ड नियमावली के तहत डिश बार 50 ग्राम से शुरू होकर 75,125,150, 200,250 और 300 ग्राम तक बना सकते हैं। इससे ज्यादा वजन की डिश बार बनाने के लिए 300 ग्राम से ऊपर 100 ग्राम के गुणा के हिसाब से ही बनाई जा सकती है।
ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है। इसलिए इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। इस मामले को संबंधित कंपनी के स्थानीय अधिकारी देखेंगे।
-आचार्य बालकृष्ण, महामंत्री पतंजलि योगपीठ।