नई दिल्ली समेत आधी दिल्ली में मंगलवार से पेयजल संकट गहरा गया। कई दिनों तक भी लोगों को परेशानी से दो-चार होना पड़ेगा। यह स्थिति यमुना नदी के जल में अमोनिया का स्तर बढ़ने के चलते हुई है।
पानी में निरंतर अमोनिया की मात्रा बढ़ने के कारण दिल्ली जल बोर्ड के वजीराबाद एवं चंद्रावल जल शोधक संयंत्रों ने काम करना बंद कर दिया। इन संयंत्रों से जुड़े इलाकों में अन्य संयंत्रों से भी पेयजल आपूर्ति करने की कोई व्यवस्था नहीं है।
जल बोर्ड के अनुसार मंगलवार सुबह यमुना नदी में अमोनिया की मात्रा काफी अधिक हो गई। इसके चलते दो संयंत्रों ने पूरी क्षमता के साथ काम करना बंद कर दिया। यह स्थिति एक माह में दूसरी बार पैदा हुई है।
औद्योगिक एवं घरेलू कचरा यमुना नदी में
दरअसल, हरियाणा के पानीपत, समालखा एवं सोनीपत से बड़ी मात्रा में औद्योगिक एवं घरेलू कचरा यमुना नदी में छोड़ दिया है। इस कारण नदी के पानी में अमोनिया की मात्रा बढ़ गई।
उधर, जल बोर्ड के वजीराबाद एवं चंद्रावल स्थित जल शोधक संयंत्र अमोनिया युक्त पानी को साफ करने में नाकाम हो गए। दोनों संयंत्रों से जुड़े नई दिल्ली, मध्य दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, उत्तर-पश्चिम दिल्ली, सेना अभियांत्रिकी सेवा क्षेत्र आदि में पेयजल आपूर्ति भी बंद हो गई है। इन क्षेत्रों में प्रधानमंत्री निवास, मंत्रियों एवं सांसदों के बंगले और केंद्र सरकार के अधिकांश कार्यालय भी शामिल हैं।
जल बोर्ड के मुताबिक यमुना नदी में मंगलवार सुबह अमोनिया की मात्रा सामान्य से काफी अधिक पाई गई जिसे काबू पाने में क्लोरिन भी नाकाम हो गई।