फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चोटी काटने के पीछे के इस सच से पुलिस भी हैरान, मनोचिकित्सक बता रहे क्यों हो रहा ऐसा

Sun, 06 Aug 2017 01:08 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कांगनहेड़ी गांव में महिलाओं की चोटी काटने का मामला, -इहबास के चिकित्सकों से लेगी मदद, पुलिस को काउंसलिंग से मामले की तह तक पहुंचने की उम्मीद 
कांगनहेड़ी गांव में महिलाओं की चोटी काटने का मामला  
पुलिस पीड़ित महिलाओं का कराएगी काउंसिलिंग              
- इहबास के चिकित्सकों से लेगी मदद, पुलिस को काउंसलिंग से मामले की तह तक पहुंचने की उम्मीद        
- तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर की पूछताछ- देर शाम छोड़ा       
अमर उजाला ब्यूरो        
नई दिल्ली, 1 अगस्त  
विज्ञापन
1 of 10
- फोटो : अमर उजाला
छावला के कांगनहेड़ी गांव में चोटी काटने वाले मामले में पुलिस अब पीड़ित महिलाओं का काउंसलिंग कराएगी। पुलिस इसके लिए इहबास (मानव व्यवहार एवं संबद्ध चिकित्सा संस्थान) के मनोचिकित्सकों की मदद लेगी। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि काउंसलिंग के जरिए पुलिस इस घटना के तह तक पहुंच सकती है।
विज्ञापन

घटनाओं को लेकर पुलिस मनोचिकित्सकों के संपर्क में है

2 of 10
उनके मुताबिक अभी तक की जांच में किसी बाहरी व्यक्ति की संलिप्ता की बात सामने नहीं आयी है। उधर पुलिस ने मामले में तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन उनकी संलिप्ता न होने पर देर शाम उन्हें छोड़ दिया।
विज्ञापन

पीड़ितों के घर से नहीं मिली कैंची  

3 of 10
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों ही मामलों में मिले साक्ष्य से किसी बाहरी व्यक्ति के घर में घुसकर वारदात को अंजाम देने की बात सामने नहीं आयी है। ऐसा लग रहा है कि घर के भीतर ही किसी ने घटना को अंजाम दिया है। ऐसे में वारदात को अंजाम देने का शक परिवार के लोगों पर ही है।

4 of 10
पुलिस इस बात से भी इंकार नहीं कर रही है कि पीड़ित महिलाओं ने ही अपनी चोटी को काटी हो। साथ ही यह भी आशंका जता रही है कि घर का कोई सदस्य भी शरारतपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दे सकता है।
विज्ञापन

5 of 10
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि  इस मामले में पीड़ित महिलाएं ही इस रहस्य से पर्दा हटा सकती है। पुलिस ने जांच के दौरान गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला है। एक कैमरे में तीन संदिग्ध युवक दिखे। पुलिस ने उन तीनों की पहचान कर उससे पूछताछ की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन तीनों की इस घटना में कोई संलिप्ता नहीं है।चोटी काटने की घटनाओं को लेकर पुलिस मनोचिकित्सकों के संपर्क में है। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मनोचिकित्सकों ने इस तरह की घटनाओं के पीछे तीन तरह की संभावना व्यक्त कर रहे है।
विज्ञापन

6 of 10
मनोचिकित्सकों का कहना है कि इस तरह की घटना ऐसे लोग अंजाम देते हैं जो परिवार और समाज से उपेक्षित और कमजोर होते हैं। वह अपनी ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस तरह की हरकत को अंजाम देते हैं।
विज्ञापन

7 of 10
वहीं संभावना यह है कि अवसाद ग्रस्त लोग किसी के बहकावे में आकर घटना को अंजाम देते हैं। उनका कहना है कि इस तरह की अफवाह चलने से प्रभावित होकर लोग इस तरह की हरकत कर सकते हैं।

8 of 10
पुलिस अधिकारियों को मनोचिकित्सक के इस तर्क से सहमत हैं। वहीं मनोचिकित्सकों का कहना है कि कुछ लोग प्रसिद्धि पाने के लिए इस तरह की घटना को अंजाम देते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन्हीं सभी संभावना को तलाशने के लिए महिलाओं का काउंसिलिंग करवाया जाएगा। ताकि घटनाओं के पीछे के कारणों का खुलासा हो सके।

9 of 10
पुलिस को जांच के दौरान शक था कि घर में मौजूद कैंची से ही महिलाओं के बाल काटे गए होंगे। लेकिन तफ्तीश के दौरान पीड़ितों ने घर से कैंची नहीं होने की बात कही है। ऐेसे में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन

10 of 10
- फोटो : अमर उजाला
तलाशी के दौरान अगर उनके घर से कैंची या फिर इससे मिलती जुलती हथियार मिलती है तो उसे जांच के लिए लैब भेजेंगे। ताकि इस बात का पता लगाया जा सके  कि बरामद हथियार से महिलाओं के बाल काटे गए हैं या नहीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें