जिला अस्पताल में शनिवार शाम हंगामे के बाद डीएम के आदेश पर गठित दो महिला डॉक्टरों के पैनल ने तीन साल की बच्ची का मेडिकल किया। जांच में छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है। मालूम हो कि शुक्रवार को सेक्टर-56 स्थित एक प्ले स्कूल में बच्ची के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। डीएम एनपी सिंह ने बताया कि परिजन बच्ची का मेडिकल कराना चाहते थे। डॉक्टरों का पैनल गठित कर मेडिकल कराने का सीएमओ और जिला अस्पताल के सीएमएस को आदेश दिया गया था।
दूसरी तरफ शनिवार दोपहर करीब तीन बजे बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन देर से मेडिकल करने के आरोप को लेकर हंगामा करने लगे। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक दोपहर की ड्यूटी में एक ही महिला डॉक्टर होती है। उस समय डॉ. अंशु गुप्ता की ड्यूटी थी और वह मौजूद थीं। अन्य सभी महिला डॉ. ड्यूटी खत्म कर घर जा चुकी थी। पैनल के लिए दूसरी डॉ. पुष्पलता को बुलाया गया।
वह दिल्ली में रहती हैं। वह शाम करीब 4.30 बजे अस्पताल पहुंचीं, जिसके बाद बच्ची का मेडिकल हुआ। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बच्ची के साथ छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है। पैनल ने मेडिकल संबंधी सभी जानकारियों की रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। बच्ची की दो वैजाइनल स्वैब स्लाइड बना दी गई हैं। स्लाइड की जांच अस्पताल में ही होगी। अस्पताल के पास 18 साल की उम्र से कम बच्चियों की मेडिकल जांच के लिए उपकरण नहीं है। ऐसे मामले दिल्ली रेफर कर दिए जाते हैं। हालांकि सूत्रों के मुताबिक इस मामले में बच्ची की उम्र काफी कम होने के कारण उपकरण की जरूरत नहीं थी।
प्ले स्कूल में बच्ची के साथ छेड़छाड़ के मामले में पुलिस अभी तक किसी आरोपी की पहचान नहीं कर पाई। अब पुलिस की जांच मेडिकल की रिपोर्ट पर टिक गई है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही जांच में तेजी आने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
सीओ-द्वितीय अनूप कुमार ने बताया कि कि पुलिस ने स्कूल की क्लास टीचर, प्रिंसिपल, नौकरानी, ड्राइवर, चौकीदार आदि के बयान ले लिए हैं। स्कूल में कार्यरत सभी पुरुष कर्मचारियों को पूछताछ के लिए दो बार थाने बुलाया। लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस का कहना है कि मेडिकल जांच की रिपोर्ट के बाद ही किसी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।