प्रदेश की हाईटेक कही जाने वाली साइबर सिटी पुलिस की कार्य क्षमता पर सवाल उठने लगे है। बीते पांच महीनों में पांच बड़ी घटनाएं हुई है। जिनकों सुलझाने में पुलिस नाकाम साबित हुई है। इन घटनाओं से साइबर सिटी काफी चर्चाओं में भी रही । जिले में बीते पांच महीनों में साइबर सिटी के हर क्षेत्र में बदमाशों ने अपना कहर भरपाया और लूट, गैंगरेप, अपहरण और डकैती जैसी संगीन वारदातों को खुलेआम अंजाम दिया। पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
बदमाशों ने थाने से सौ मीटर दूर अपहरण किया ,तो नाइटडोमेन के दौरान चलती कार में गैंगरेप होता रहा और दिनदहाड़े लूट को अंजाम दिया। इन सबके बावजूद पुलिस सोती रही। आलत यह है कि जनता सड़क पर है कहीं पर जाम लगा रही है तो कहीं पर पंचायत हो रही है।
पांच बड़ी घटनाएं
1-फरवरी माह में गांव मंदपुरा में बदमाशों द्वारा महिलाओं के साथ गैंगरेप किया और डकैती की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए खुद पुलिस आयुक्त ने मौके पर जांच करने गए थे और एसआईटी का गठन किया था। लेकिन तीन माह बाद भी पुलिस के हाथ खाली है।
2-मई माह में नार्थ-ईस्ट की महिला के साथ चलती कार में गैंगरेप हुआ था। पुलिस आयुक्त ने एसआईटी का गठन किया ,आरोपियों का स्कैच भी बनवाया था और दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। फिर भी कोई सुराग नहीं मिला।
3-मई माह में इश्योंरेंस कंपनी के मैनेजर का थाने के पास अपहरण किया था। उस घटना का भी पुलिस के पास कोई सुराग नहीं है। बदमाश अब भी फरार है।
4-मई माह में सोहना के धुनैला गांव में एक लड़की गायब हो गई थी। पुलिस उसका भी पता नही लगा सकी । पुलिस से नाराज लोगों ने जाम लगाया और पथराव भी किया था।
5- मई माह में पटौदी के पास बदमाशों ने एंबुलेंस में शव लेकर जा रहे परिवार को रोककर लूटपाट की गई थी।