दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 40 करोड़ रुपये की आइस ड्रग्स पकड़ी है, उसमें एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। मुंबई में ड्रग्स के नेटवर्क को जहां मुंबई से सपा विधायक अबू आजमी के भतीजे अबू असलम ने संभाल रखा था।
वहीं इस नेटवर्क को दिल्ली में कई बार विधायक रहे भाजपा के बड़े नेता के भतीजे अमित अग्रवाल ने संभाल रखा था। सपा नेता का भतीजा ड्रग्स को मुंबई से दिल्ली भेजवाता था। वहीं भाजपा नेता का भतीजा ड्रग्स को दिल्ली में सप्लाई करने के अलावा विदेश भिजवाता था।
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अमित अग्रवाल भारत में एक कंपनी का डिलीवरी ठेकेदार है। उसने महिपालपुर में प्रेफर लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी खोल रखी है। इस कार्यालय की आड़ में वह ड्रग्स का गोरखधंधा कर रहा था। इससे पहले इसका पंजाब में ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय था।
मुंबई से अबू असलम ने जो ड्रग्स आइस भेजी थी, उसे दिल्ली होकर लंदन जाना था। दिल्ली से उसे अमित अग्रवाल अमेजॉन के कोरियर में पैक करवाकर लंदन भेजता। स्पेशल सेल ने जब अमित को महिपालपुर से गिरफ्तार किया था, उस समय वह डेढ़ करोड़ रुपये की मर्सिडीज कार में आइस ड्रग्स लेकर आया था। स्पेशल सेल ने मर्सिडीज कार को जब्त कर लिया है।
कस्टम अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
ड्रग्स
- फोटो : डेमो फोटो
स्पेशल सेल को जांच में पता लगा कि इन्होंने ड्रग्स को लंदन भिजवाने के लिए 700 किलो लोड बुक करवाने की तैयारी की थी। इसमें कुछ अमेजॉन के पैकेट्स व कुछ बेकार का सामान लंदन जाना था। इनके बीच ड्रग्स छिपाई जाती।
ड्रग्स के लंदन पहुंचाने के बाद लंदन में बैठा कैलाश राजपूत उसे आगे पहुंचवाता। हालांकि, अमित अग्रवाल को इस बात की जानकारी नहीं है कि लंदन में ड्रग्स कहां और किसको सप्लाई होनी थी।
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों का मानना है कि कस्टम के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना ड्रग्स को विदेश नहीं भेजा जा सकता। ऐसे में जल्द ही कुछ कस्टम अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। स्पेशल सेल की एक टीम कस्टम अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि स्पेशल सेल ने पांच किलो ड्रग्स आइस के साथ बुधवार को चार आरोपी अबू असलम, अमित अग्रवाल, अवधेश कुमार और चंदन को गिरफ्तार किया था। इस गिरोह का सरगना कैलाश राजपूत दुबई में बैठा है और वहीं से पूरे विश्व में ड्रग्स सप्लाई करने का नेटवर्क संभाल रखा है।