गुरु द्रोणाचार्य की धरती गुरुग्राम से हरियाणा के विकास का खाका खींचा जाएगा। वर्ष 2030 तक हरियाणा के जिलों के लिए क्या जरूरत है? और क्या-क्या किया जाएगा?
इसे लेकर प्रदेश सरकार हरियाणा स्वर्ण जयंती योजना के मौके पर ‘विजन-2030’ जारी करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इस डॉक्यूमेंट को लांच कराने की तैयारी प्रदेश सरकार कर रही है। वहीं, इस समारोह के जरिये गुरुग्राम की ब्रांडिंग की भी तैयारी की जा रही है।
गुड़गांव अपने विकास और यहां मौजूद आईटी-बीपीओ हब के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां का विकास दूसरे प्रदेशों के लिए बानगी है। हरियाणा के अन्य शहर भी गुड़गांव के मुकाबले काफी पिछड़े हैं।
इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने ‘विजन-2030’ के जरिये गुरुग्राम के तर्ज पर हर जिले का विकास करने का ड्रॉफ्ट तैयार किया है। विकसित शहरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने का प्रारूप तैयार किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक विजन-2030 को दो चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें बुनियादी सुविधा और सोशल सेक्टर में अधिक फोकस होगा।
पहले चरण में सभी शहरों में पानी की सप्लाई, सीवरेज, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, अर्बन ट्रांसपोर्टेशन, सड़कों व अन्य बुनियादी जरूरतों को मजबूत करने के लिए गांवों पर भी फोकस होगा।
गांवों में पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता और बिजली की आपूर्ति को लेकर खाका तैयार किया गया है। विजन डॉक्यूमेंट जारी होने के साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को काम में जुटने का निर्देश दिया गया है। हालांकि सभी अधिकारी अपने विभाग की कमियों को लेकर अभी से मंथन में जुट गए हैं।
कंसलटेंट फर्म की ली जाएगी मदद
प्रदेश के विकास को लेकर खाका खींचने से पहले कंसलटेंट फर्म की मदद ली जाएगी। कंसलटेंट फर्म अपने -अपने क्षेत्र के विशेषज्ञ होंगे। विजन-2030 जारी होने के बाद फर्म उस क्षेत्र का सर्वे करेंगी।