परिवहन पोर्टल पर प्रदूषण अंडर कंट्रोल पीयूसी सर्टिफिकेट ऑनलाइन करने की प्रक्रिया वाहन चालकों के लिए परेशानी बन गई है। शहर में जिन लोगों के पास 2018 से पहले के वाहन है या जिनके पास बीएस-3, बीएस-4 के वाहन है उनको अब प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा।
इसके लिए वाहन वाहन मालिको को पहले पंजीकरण कार्यालय में जाकर प्रदूषण के नियम पूरे करने होंगे और वाहन का पूरा डाटा ऑनलाइन अपडेट करवाना होगा, इसके बाद ही उन्हें प्रदूषण सर्टिफिकेट मिल सकेगा।
दरअसल, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से प्रदूषण जांच केंद्रों को नोटिस जारी कर अपने सिस्टम को ऑनलाइन करवाने के लिए कहा गया है। ऑनलाइन होने से पुराने वाहनों को जब तक प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं मिलेगी तब तक वह अपने वाहन का आरटीए या एसडीएम कार्यालय में ऑनलाइन वाहन का पंजीकरण अपडेट नहीं करवांगे।
इसके लिए उन्हें किसी भी ई-दिशा केंद्रो भी जाकर वाहन का पंजीकरण ऑनलाइन अपडेट करवाना होगा। जबकि इससे पहले साधारण तरीके से सभी वाहनों को प्रदूषण सर्टिफिकेट मिल जाता है। एक अप्रैल सरकार ने बीएस-6 वाहनों को लेकर यह बदलाव किए गए हैं।
अन्य राज्यों में शुरू हो चुकी है यह योजना...
आरटीए अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में यह योजना अब शुरू हुई है जबकि अन्य राज्यों में यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। पहले दूसरे राज्यों के वाहनों को साधारण तरीके से प्रदूषण सर्टिफिकेट मिल जाता था, लेकिन अब दूसरे राज्यों के वाहनों को भी ऑनलाइन वाहनों का पंजीकरण अपडेट करवाना होगा।
नई योजना के अनुसार अब प्रदूषण जांच केंद्रो को ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ा जा रहा है, उनका सिस्टम अपडेट करवाने के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं। पुराने इंजन के वाहनों को पंजीकरण ऑनलाइन अपडेट किया जा रहा है।- अनिल कुमार, सह सचिव, आरटीए