संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नवरात्र के सातवें दिन भक्तों ने देवी के कालरात्रि रूप की पूजा की। माता शीतला के दरबार में मत्था टेकने काफी संख्या में भक्त पहुंचे। मंदिर के आस-पास की सड़कें श्रद्धालुओं के कारण जाम थी। मंदिर के पुजारी पं. ललित ने बताया कि 24 घंटे माता का दरबार खुला रहने के कारण भक्तों को आसानी हो गई है, बावजूद इसके सत्संग हॉल में काफी संख्या में भक्त मौजूद रहते है। भक्त अधिक संख्या में मां का दर्शन करने आ रहे हैं।
चिंतपूर्णी मंदिर में काफी संख्या में भक्तों ने माता के दर्शन किए। शाम के वक्त महिलाओं ने सत्संग का आयोजन किया। चिंतपूर्णी मंदिर के पं. पुरुषोत्तम झा ने कहा कि कालरात्रि की आराधना करने से भूत प्रेत, ग्रह बाधाओं और आसुरी शक्तियों का नाश होता है। इनका नाश करने के लिए माता कालरात्रि रूप में काल बनकर आती हैं। भयंकर रूप होने के बावजूद मां कालरात्रि सदैव शुभ फलदात्री हैं, इसलिए इन्हें शुभंकरी भी कहते हैं। प्रेम मंदिर, सुदर्शन माता मंदिर में भी भक्तों का तांता लगा रहा। सुदर्शन मंदिर में प्रयागराज से आए पंडित यज्ञ कर रहे हैंं। इस मंदिर में भक्तों के लिए फलाहार प्रसाद की व्यवस्था की गई है।