हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने जारी किए नए आदेश
निजी कॉलोनी के उपभोक्ताओं को मांग पर मिलेगा बिजली कनेक्शन
कॉलोनियों में व्यक्तिगत कनेक्शन को भी मिली मंजूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी ) ने बिल्डर लाइसेंस एरिया के लिए अपने नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों से बिल्डरों और उपभोक्ता दोनों को लाभ मिलेगा। बिल्डरों को जहां 33केवीए के सब-स्टेशन बनाने के झंझट से मुक्ति मिलेगी, वहीं रेजिडेंट्स को अब बिजली बिल के नाम पर बिल्डर की मनमानी वसूली का शिकार नहीं होना पड़ेगा।
अभी तक के नियम के अनुसार बिल्डर लाइसेंस एरिया में बिल्डर डीएचबीवीएन को बैंक गारंटी उपलब्ध कराते थे। 33केवीए सबस्टेशन बनाने की जिम्मेदारी भी बिल्डर पर होती थी, मगर अब बिजली सबस्टेशन बनाने की जिम्मेदारी बिजली निगम की होगी। डेवलपर को केवल उन्हें लोड बताना होगा और इसका भुगतान करना होगा। दूसरी ओर निजी कॉलोनियों में अब व्यक्तिगत कनेक्शन भी मिल सकेंगे। इसकी मांग लोग लंबे समय से कर रहे थे।
नए नीति नियमों से निजी बिल्डरों द्वारा की गई गड़बड़ी को रोकने और टाउनशिप में आवश्यक विद्युत बुनियादी ढांचे का निर्माण सुनिश्चित करने के साथ उपभोक्ताओं को मांग पर बिजली कनेक्शन और आवश्यकता के अनुसार विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा। हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा नए नीति नियमों को मंगलवार अधिसूचित किया गया है। नए नियमों के अनुसार अब बिल्डरों को सब-स्टेशन बनाने की जरुरत नहीं है और न ही बैंक गारंटी शुल्क वहन करना होगा। सब-स्टेशनों का निर्माण यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन द्वारा किया जाएगा। अब डेवलपर को सिर्फ अपनी कॉलोनी के लोड का भुगतान करना होगा। उसका सब-स्टेशन पूरा करने का दायित्व और उसका खर्च काफी कम हो जाएगा।
लागत में कमी आएगी, उपभोक्ता बिल्डर की लड़ाई पर लगेगा विराम:
एचईआरसी के नए नियमों के अनुसार वर्तमान नियमों की अपेक्षा डेवलपर की लागत में कमी आएगी। डेवलपर और उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। सब-स्टेशनों के लिए भूमि की आवश्यकता भी कम की गई है। 33 केवी स्विचिंग सब स्टेशन के लिए 500 वर्ग गज से 400 वर्ग गज तक, 33/11 केवी सब-स्टेशन के लिए दो एकड़ से आधा एकड़ तक, 132 केवी सब-स्टेशन के लिए 5 एकड़ से 3.25 एकड़ तक की आवश्यकता होगी।
छोटे डेवलपर को नहीं होगी भूमि की आवश्यकता
पांच एमवीए तक लोड की आवश्यकता वाले छोटे डेवलपर के लिए भूमि की कोई आवश्यकता नहीं है। डेवलपर कॉलोनी में व्यक्तिगत कनेक्शन जारी किए जाएंगे। उपभोक्ताओं को सेवा कनेक्शन शुल्क का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है जो वर्तमान में एक फेज की बिजली आपूर्ति के लिए 500 रुपये प्रति किलोवाट और तीन फेज की आपूर्ति के लिए 1000 रुपये प्रति किलोवाट है।
एचईआरसी के निर्देशानुसार उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) द्वारा डेवलपर को एक महीने के भीतर सभी मंजूरी दे दी जाएगी, ऐसा नहीं करने पर उसे यूएचबीवीएन और डीएचबीवीएन से एनओसी माना जाएगा।