साइबर ठगों ने बैंक कर्मचारी बनकर भेजा था लिंक, अधिकारी से ही लिया था नंबर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर ठगों ने बैंक कर्मचारी बनकर सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी की पत्नी के क्रेडिट कार्ड से 2.98 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। ठगों ने क्रेडिट कार्ड की एक्टिवेशन और क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के लिए सेवानिवृत्त अधिकारी के मोबाइल पर कॉल किया और लिंक भेजा। लिंक खोलते ही क्रेडिट कार्ड व बैंक संबंधी जानकारी साइबर ठगों को मिल गई।
सेक्टर-53 निवासी प्रीति बक्शी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 12 फरवरी को वह अपने घर पर थी। इसी दौरान उनके पति राजन बक्शी (सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी) के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने स्वयं को आईसीआईसीआई बैंक का कर्मचारी बताते हुए प्रीति बक्शी से बात करने को कहा। ऐसे में उनके पति ने मोबाइल नंबर दे दिया। ठग ने ने प्रीति बक्शी को बताया कि उनका क्रेडिट कार्ड एक दिन बाद निष्क्रिय हो जाएगा। इसके बाद साइबर ठग ने मोबाइल पर एक लिंक भेजकर उसे खोलने के लिए कहा।
प्रीति बक्शी ने लिंक खोला तो उसमें पहले से दर्ज क्रेडिट कार्ड और बैंक की जानकारी सही दिखाई दी। साइबर ठग ने उनसे क्रेडिट कार्ड की लिमिट के बारे में पूछा तो उन्होंने तीन लाख रुपये की लिमिट जानकारी दी। कॉल करने वाले पर संदेह होने पर प्रीति बक्शी ने कार्ड या बैंक संबंधी अन्य कोई जानकारी देने से मना करते हुए कहा कि वे बैंक जाकर क्रेडिट कार्ड संबंधी कार्रवाई करेंगी और फोन काट दिया। अगले दिन जब वे बैंक पहुंचीं तो पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से 2.19 लाख व 79 हजार रुपये के दो अनधिकृत लेनदेन किए गए हैं। साइबर ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड से कुल 2,98,801 रुपये की धोखाधड़ी की है। प्रीति बक्शी ने तुरंत अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करवाया। पीड़िता की शिकायत पर साइबर अपराध थाना पूर्व में मामला दर्ज करके पुलिस ने जांच शुरु कर दी है।
क्रेडिट कार्ड से 84 हजार निकाले
साइबर अपराध पूर्व क्षेत्र में जालसाजों ने एक युवती के क्रेडिट कार्ड से 84,865 रुपये की धोखाधड़ी की है। सेक्टर-57 निवासी शिवानी शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके क्रेडिट कार्ड से 16 अप्रैल को 4865 और 17 अप्रैल को 80 हजार रुपयों का लेनदेन किया गया है। जबकी उसने न तो कोई लेनदेन किया, न ओटीपी या सीवीवी किसी के साथ साझा किया और न ही मोबाइल में लिंक खोला। बैंक से लेनदेन की पुष्टि करने के लिए कॉल आने पर उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला।
क्यूआर कोड लेकर महिला से 4.49 लाख रुपये की ठगी
गुरुग्राम। साइबर अपराध थाना पूर्व क्षेत्र में साइबर ठगों ने महिला से क्यूआर कोड लेकर 4.49 लाख की ठगी की है। सेक्टर-47 स्थित नमिशा चड्ढा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि महिला ने 28 मार्च को खिलौने बेचने के लिए ओएलएक्स पर एक विज्ञापन पोस्ट किया था। इसके बाद एक व्यक्ति सुनील कुमार ने संपर्क करके कहा कि वह गुरुग्राम में खिलौने की दुकान चलाता है और उसने छह हजार रुपये में खिलौने खरीदने में रुचि दिखाई। साइबर ठग ने नमिशा चड्ढा को रुपयों को भुगतान करने के लिए लिंक के माध्यम से स्कैनर भेजा। जैसे ही वे लिंक को खोलती तो उनके खाते रुपये कट गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरु कर दी। ब्यूरो
पिता का जानकार बनकर 90 हजार कराए ट्रांसफर
गुरुग्राम। साइबर ठग ने युवती के पिता का जानकार बनकर 90,808 रुपये ट्रांसफर करा लिए। वजीराबाद में किराये पर रहने वाली नेहा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 23 मार्च को उसके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने स्वयं को पिता का जानकार बाते हुए कहा कि उसे नेहा के पिता को कुछ रुपये देने हैं। ठग ने नेहा को 30 हजार की ट्रांजेक्शन का फर्जी मैसेज भेजा और कहा कि गलती से तीन की बजाय 30 हजार रुपये भेज दिए हैं। इनमें से 27 हजार रुपये वापस भेज दो। ऐसे में नेहा ने उनके बताए गए अकाउंट नंबर पर 27 हजार भेज दिए। इसके बाद साइबर ठग ने नेहा को बातों में उलझाकर कुल 90,808 रुपये ट्रांसफर कराए। वहीं, साइबर अपराध थाना मानेसर क्षेत्र में एक जालसाज ने दुकानदार को आईफाेन बेचने का झांसा देकर 79 हजार ठग लिए। गांव नवादा निवासी सुनील कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 26 अप्रैल को एक युवक ने व्हाट्सएप पर कॉल करके आईफोन बेचने के बारे में बताया। आईफोन की अच्छी स्थिति होने पर सुनील ने युवक द्वारा भेजे गए बार कोड को स्कैन करके 79 हजार रुपये भेज दिए। रुपये मिलते ही युवक ने आईफोन देने से मना कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरु कर दी है। ब्यूरो