नागरिक अस्पताल में बाहर की दवा लिखने पर सख्ती, डॉक्टरों को उपलब्ध दवाएं ही लिखने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में मरीजों को बाहर की दवा लिखने पर स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती दिखाई है। अस्पताल प्रशासन ने सभी डॉक्टरों को अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की सूची और मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाएं लिखने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य मरीजों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से बचाना और सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में मौजूद दवा सूची में से लिखनी होगी। यदि किसी दवा का स्टॉक समाप्त होने की स्थिति बनती है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दी जाए, ताकि समय रहते आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। दवाओं की उपलब्धता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस ग्रुप में डॉक्टर, फार्मासिस्ट और संबंधित अधिकारी शामिल रहेंगे। इसके माध्यम से दवाओं के स्टॉक, मांग और उपलब्धता संबंधी जानकारी तुरंत साझा की जा सकेगी।
अस्पताल प्रशासन को दवा वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने और समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि मरीजों को सरकारी अस्पतालों में उपचार के साथ आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से मरीजों को राहत मिलेगी और सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही दवाओं की उपलब्धता को लेकर आने वाली शिकायतों में भी कमी आएगी।
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अस्पताल में मरीजों को सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त दवा स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए हैं। दवा उपलब्धता की निगरानी के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा और अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की सूची डॉक्टरों को दी जाएगी, ताकि मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की आवश्यकता न पड़े। -डॉ. ब्रह्मदीप, स्वास्थ्य निदेशक, हरियाणा