कैबिनेट मंत्री राव नरबीर ने सभी अधिकारियों को दो माह के अंदर नालों की सफाई का काम पूरा करने का दिया है लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बिन मौसम बरसात ने जीएमडीए और नगर निगम के अधिकारियों की भले ही आंखें खोल दी हैं, मगर दो माह में इसका स्थायी इलाज करना चुनौतीपूर्ण होगा।
नगर निगम और जीएमडीए की ओर से बारिश के बाद 128 जगहों का चयन हुआ है, जिसमेंं से 19 स्थानों पर कैबिनेट मंत्री राव नरबीर ने दौरा किया है। हालांकि अधिकारियों ने इन जगहों पर डीसी के साथ भी मुआयना किया था। अलग-अलग इंजीनियरिंग विंग की ओर से तय किए गए 128 स्थान ऐसे हैं, जहां से बारिश का पानी निकलना मुश्किल हो जाता है। इसमें पुराने शहर के हिस्से अधिक हैं। कैबिनेट मंत्री की ओर से इन प्वाइंट में प्रमुख स्थानों को शामिल ही नहीं किया गया है। नगर निगम जलभराव का ठीकरा जीएमडीए पर जबकि जीएमडीए नगर निगम पर फोड़ता है। इस बार ऐसा नहीं होगा। इसके लिए मंत्री, उपायुक्त समेत अन्य अधिकारी लगातार तैयारियों की जांच कर रहे हैं। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर ने सभी अधिकारियों को दो माह के अंदर नालों की सफाई का काम पूरा करने का लक्ष्य दिया है।
साल 2016 में होंडा चौक पर जलभराव के कारण महाजाम लग गया था। 9 साल से प्रशासन की ओर से हर बार कवायद होती है, मगर जलभराव से राहत नहीं मिलती है। इस बार सरकार नया प्रयोग कर रही है। हर स्थान पर अलग-अलग जेई, एसडीओ की जिम्मेवारी तय की जा रही है। जिसका तबादला होगा वह आने वाले को बताकर जाएगा कि उसकी ओर से क्या प्रयास किया गया है।
जीएमडीए व नगर निगम के अधिकारियों की बैठक आज
जलभराव को लेकर अलग-अलग विंग के लोग अपने क्षेत्र की समस्या के हल को लेकर सोमवार को बैठक करेंगे। उनकी ओर से की जाने वाली कवायद और उनके अधिकार क्षेत्र का चयन किया जाएगा। अलग-अलग रोड की पूरी जिम्मेवारी एक एसडीओ की होगी। जैसे गलेरिया मार्केट पर जलभराव के कई स्थान हैं, उस क्षेत्र में सड़क के हिसाब से जिम्मेवारी तय की जाएगी। जिस समय गुरुग्राम बस रहा था उस दौरान सेक्टर चार, सेक्टर 23 और पालम विहार शहर का पॉश क्षेत्र हुआ करता था। अब हल्की सी बारिश हो जाए तो पूरा क्षेत्र झील में बदल जाता है। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर ने अधिकारियों को चेताया कि उनके तबादलों की सूची आने वाली है। ऐसे में भागने वाले यह न देखें कि उनका पीछा छूट जाएगा। जो भी आज की तारीख में तैनात हैं और जाने तक वह बताकर जाएगा कि उसने क्या किया है।
वर्जन
जलभराव को लेकर 128 स्थानों का चयन किया गया है। सभी विभागों के साथ समन्वय बैठकें हो रही हैं। जल्द ही अलग-अलग स्थानों की जवाबदेही के लिए अधिकारियों का नाम तय किया जाएगा। इसके साथ ही कार्य की समीक्षा बैठक हर सप्ताह की जाएगी। - राजेश बंसल, चीफ इंजीनियर, जीएमडीए, गुरुग्राम