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10 लाख लोगों को जल्द मिलेगी जलभराव से निजात

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water logging problem might be solve recently
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गुरुग्राम (पवन कुमार सेठी)। जिले में पानी की निकासी के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा डाली गई सीवर की ज्यादातर लाइनें बंद हैं। पानी निकलने का रास्ता नहीं मिलने के कारण जलभराव की समस्या हो रही है। इससे 10 लाख से भी अधिक लोग प्रभावित हैं।
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अधिकारी हर साल इन लाइनों की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं निकल रहा है। जीएमडीए ने अब नगर निगम, एचएसवीपी समेत पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की कमेटी बनाई है। इसमें दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सेवानिवृत्त अधिकारियों को सलाहकार के रूप में जोड़ा गया है। यह कमेटी अब समस्या का स्थायी समाधान निकालेगी। एचएसवीपी ने करीब 30 साल पहले पानी और सीवर की लाइन उस वक्त की आबादी के अनुसार डाली थी। वर्तमान में जिले में 40 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। हर साल मानसून में जलभराव से शहर की प्रमुख सड़कों के साथ ही कॉलोनियों, घर व सोसाइटियों के बेसमेंट में पानी भर जाता है।
ये किए गए प्रयास
जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अधिकारी हर साल करोड़ों रुपये खर्च कर बरसाती नालों व सीवर की सफाई के लिए निविदा जारी करते हैं। ठेकेदार द्वारा कार्य पूरा होने की सूचना अधिकारी को दी जाती है, लेकिन अधिकारी इसकी जांच तक करना जरूरी नहीं समझते। ऐसे में समस्या जस की तस खड़ी रहती है। वहीं, बादशाहपुर बरसाती नाले पर चले आ रहे जमीनी विवाद को भी सुलझान का प्रयास किया गया, लेकिन 33 मीटर जमीन न खरीद होने के कारण नाले का निर्माण अटका हुआ है।
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महाजाम के बाद बना दिया पुल
साल 2016 में बरसात के बाद हीरो होंडा चौक पर बादशाहपुर बरसाती नाले के जरिए पानी की निकासी नहीं हो पाई थी। इससे महाजाम लग गया। लोगों को 48 घंटे तक इस जाम से परेशान होना पड़ा था। समस्या का समाधान करने के लिए अधिकारियों ने मंथन किया, लेकिन समाधान के नाम पर हीरो होंडा चौक पर पुल बना दिया ताकि जलभराव होने पर यातायात प्रभावित न हो। साल 2018 में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अस्त्तिव में आने के बाद जलभराव रोकने पर काम शुरू किया गया। अधिकारियों ने करीब 30 साल पहले डाली गई लाइन की सफाई और मरम्मत करानी शुरू की। जिले में जलभराव वाले 78 स्थानों को चिन्हित किया गया। इनके समाधान के लिए कमेटी गठित की गई। वर्तमान में हीरो होंडा चौक व नरसिंहपुर में जलभराव का समाधान करना कमेटी के लिए चुनौती है। इस मानसून में दो दिन में हुई 268 एमएम बारिश के कारण गोल्फ कोर्स रोड अंडरपास में पानी भर गया। इसके समाधान के लिए भी काम किया जाएगा।
जलभराव के 78 स्थानों को चिन्हित किया गया है। समाधान के लिए डीजेबी के सेवानिवृत्त अधिकारियों की मदद भी ली जा रही है। नरसिंहपुर में होने वाले जलभराव को रोकने के लिए पानी को सीधे बादशाहपुर बरसाती नाले में डालने की बजाय मानेसर में छोड़ा जाएगा। यहां से सीटीपी के जरिए पानी बरसाती नाले में पहुंचेगा। सभी स्थानों पर जलभराव रोकने के लिए स्थायी प्रबंध किए जा रहे हैं।
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- वीएस कुंडू, सीईओ, जीएमडीए
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