- नूंह में अब तक रिकार्ड बारिश 95 एमएम तो पुन्हाना में 58 एमएम हुई
- शहर के लेकर गांवों तक पानी-पानी हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में बृहस्पतिवार को सुबह हुई बारिश से शहर व गांव में जगह-जगह जलभराव हो गया। प्रशासन के जलनिकासी के दावे एक बार फिर फेल हो गए। करीब तीन घंटे की हुई बारिश से जीवन अस्तव्यस्त हो गया। पानी भरने के कारण लोग स्कूल, कॉलेज व दफ्तर भी समय पर नहीं पहुंच पाए। इस दौरान बाजार में जलभराव के कारण दुकानों व घरों में पानी भर गया। अधिक बारिश होने के कारण प्रशासन को पुलिस लाइन में होने वाले स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का स्थान बदलकर नई अनाजमंडी में करना पड़ा।
वहीं बारिश से किसान अब अपनी फसलों में होने वाले नुकसान को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं। इससे ज्वार, बाजरे के अलावा धान व कपास की फसल को भी नुकसान होने की आशंका है। लोगों का कहना है कि प्रशासन द्वारा जलभराव की निकासी के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं, जो प्रबंध हैं वो ना काफी हैं। प्रशासन अपने ही कार्यालयों से पानी निकालने में नाकाम साबित हो रहा है।
दावे नहीं हुए पूरे
प्रशासन ने मानसून शुरू होने पर दावा किया था, कि जलभराव से तत्काल निपटा जाएगा, लेकिन उनके दावों को जिम्मेदार अधिकारियों ने बरसात में बहा दिया। गांवों में अभी तक जलनिकासी के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। शहर में कोई कॉलोनी ऐसी नहीं हैं जहां पानी न भरा हो।
फसले डूबने के कगार पर
किसान सुंदरलाल शास्त्री, श्याम सुंदर, कृष्ण कुमार, इलियास, ताहिर हुसैन, महिपाल सिंह, ठाकुर अरुण सिंह का कहना है कि गांवों में बारिश से कपास, बाजरा, ज्वार सहित सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। जिन किसानों ने धान बोये हैं वो भी डूबने की कगार पर हैं। अगर बारिश ऐसे ही होती रही और जलनिकासी का कोई प्रबंध नहीं किया गया तो धान की फसल भी डूब जाएगी। किसानों का आरोप है कि अभी तक ऐसी कोई व्यवस्था गांवों में नहीं की गई है।
कहां कितनी बारिश हुई =
नूंह - 95 एमएम
पुन्हाना- 58 एमएम
नगीना- 52 एमएम
तावडू- 16 एमएम
फि.झिरका- 10 एमएम