- जिले बनने के बाद 19 वर्ष बीत जाने के बाद भी जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था नहीं हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। अधिकारी दावे तो हर बार करते हैं, लेकिन हर बार की तरह उनके ये दावे बारिश में बह जाते हैं। शहर को जिला मुख्यालय बने 19 वर्ष हो गए हैं, लेकिन यहां अभी तक जलभराव की निकासी के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए गए हैं। हर बार की तरह इस बार बारिश के पहले उपायुक्त गंभीर नजर आए और उन्होंने जलभराव न होने देने की जिम्मेदारी एडीसी को सौंपी, लेकिन उन्होंने न तो शहर का दौरा किया और न ही कोई ठोस प्लानिंग की। लोग उनकी इस कार्यशैली को जमकर कोस रहे हैं।
शहर के अलग-अलग क्षेत्रों के अलावा सबसे ज्यादा जलभराव सरकारी कार्यालयों के सामने है। वर्षा के माैसम में चार माह तक आम लोग दुखी रहते हैं। जलभराव को लेकर जन प्रतिनिधि भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाए हैं।
बता दें कि नूंह जिला 2005 में अस्तित्व में आया था। 19 वर्ष बीत जाने के बाद भी शहर की सूरत प्रशासन संवारने में नाकाम रहा है। हालांकि यहां पर प्रशासनिक स्तर पर लघु सचिवालय तथा जिला अदालत ,आईटीआई, बस स्टैंड के लिए भवन निर्माण हो चुके हैं, लेकिन जलभराव का कोई समाधान नहीं हुआ। शहर के पुराने विश्राम गृह, कॉलेज, पुरानी तहसील, महिला थाना, डाकघर, रेडक्रास, जजों के पुराने निवास, कृषि विभाग सहित दर्जनों दफ्तरों के सामने बारिश में कई-कई फीट पानी भर जाता है। पानी के कारण यहां से लोगों का निकलना दूभर हो जाता है। अनाज मंडी के द्वार पर बने साइबर थाने के समीप वर्षा से जल भराव हाे जाता है।
शहर में भी होता है जलभराव
जिले के सरकारी कार्यालयों के अलावा शहर के कब्रिस्तान , वार्ड नंबर दो, तीन, 12, 13 की गलियों में पानी की निकासी नहीं होने के कारण जल भराव से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मेन बाजार तथा नंगली चौक पर कई-कई फीट पानी दुकानों के सामने भर जाता है। लोगों का आरोप है कि कभी प्रशासनिक स्तर पर व जनप्रतिनिधियों ने शहर की जल भराव की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए व्यापक योजना तैयार नहीं की।
शहर में जलभराव की समस्या वर्षों से चली आ रही है। लेकिन इसका कोई समाधान आज तक नहीं किया गया है। अधिकारियों को कोई चिंता नहीं। जहां भी जलभराव है वहां इंजन लगाकर समस्या का अस्थाई निदान किया जाए।
-खलील अहमद, नूंह।
शहर की गलियों में कई-कई फुट पानी जमा रहता है। निकासी की व्यवस्था नहीं होने से लोग बारिश के मौसम में दुखी रहते है। यह जिला मुख्यालय गांव से भी बदतर है। -आसिफ अली, नूंह।
पिछले दस वर्षों में भाजपा की सरकार है। यहां पर विकास के नाम कुछ नहीं हुआ। कांग्रेस के राज में जरूर विकास हुए थे। सरकार आने पर नूंह शहर को योजना बंद तरीके से विकसित किया जाएगा। जिसमें जल भराव की समस्या को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा।
- आफताब अहमद, विधायक नूंह।
सीवर लाइनें बिछाई गई हैं, लेकिन वो कामयाब नहीं हो रही हैं। एक एस्टीमेट उपायुक्त द्वारा बनाया गया है। जिसमें पंपसेट के जरिये पानी को बाहर फेंका जाएगा। लेकिन यह अगले साल तक हो पाएगा। इस बार अस्थाई जनसेट लगाकर पानी को खिंचवाया गया है, लेकिन जलभराव की समस्या है।
-संजय मनोचा, चेयरमैन, नगर परिषद नूंह।