गुरुग्राम। प्रदेश के गृह एवं शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने बुधवार को नगर निगम गुरुग्राम के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। वे सुबह 10:30 बजे पहुंच गए और 12:30 बजे तक अकाउंट एवं इंजीनियरिंग विंग को पूरी तरह खंगाला। उन्होंने कर्मचारियों से भी तमाम जानकारी ली। इस दौरान गैरहाजिर मिलने वाले दो सहायक अभियंताओं राकेश शर्मा तथा कुलदीप यादव को मौके पर ही निलंबित करने तथा कार्यकारी अभियंता धर्मबीर मलिक को कार्यभार मुक्त करने के निर्देश दिए। अकाउंट ब्रांच के सेक्शन ऑफिसर भूपेंद्र सिंह का दो घंटे का वेतन काटने की बात मंत्री ने कही।
उन्होंने कहा कि निगम पार्षदों के फर्जी संतुष्टि पत्र पर भुगतान के मामले में एफआईआर दर्ज करवाकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने चीफ अकाउंट ऑफिसर विजय कुमार की कार्यशैली पर संतुष्टि जताई तथा निगम की आय बढ़ाने के रास्तों पर ध्यान केंद्रीत करने के निर्देश भी दिए। इस दौरान विज अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट नजर आए। उन्होंने नगर निगम के आयुक्त मुकेश कुमार आहुजा से कहा कि सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का हाजिरी एवं मूवमेंट रजिस्टर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों द्वारा किए गए कार्यों की रिपोर्ट प्रत्येक कर्मचारी के हिसाब से उनके कार्यालय में भिजवाना सुनिश्चित करें।
बाद में पत्रकारों से बातचीत में विज ने कहा कि गुरुग्राम में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की योजना तैयार करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण के दौरान नगर निगम की कार्यप्रणाली से वे संतुष्ट नहीं हैं, इसमें बहुत सुधार की आवश्यकता है। इस बारे में उन्होंने निगमायुक्त को निर्देश दिए हैं।