भूजल संरक्षण के लिए जीएमडीए तैयार कर रहा व्यापक एक्शन प्लान
पार्कों के नीचे भी वाटर स्टोरेज टैंक बनाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी
बारिश का पानी ड्रेन में बहने से रोककर जमीन में उतारने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भूजल संरक्षण के लिए गुरुग्राम में व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत सेक्टर-38 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम के फुटबॉल ग्राउंड के नीचे अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज टैंक बनाने की फिजिबिलिटी स्टडी कराई जा रही है। योजना के अनुसार स्टेडियम परिसर से निकलने वाले बारिश के पानी को एकत्र कर फुटबॉल ग्राउंड के माध्यम से जमीन में रिचार्ज करने की योजना है। इसके अलावा पार्कों के नीचे भी अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज टैंक बनाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के सीईओ पीसी मीणा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में भूजल पर निर्भरता चरणबद्ध तरीके से कम करने का फैसला लिया गया। भूजल का इस्तेमाल कर रहे सभी विभागों को वैकल्पिक स्रोत तलाशने और धीरे-धीरे बोरवेल बंद करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित विभागों को छह अक्तूबर तक भूजल दोहन कम करने और रिचार्ज बढ़ाने का एक्शन प्लान देने को कहा गया है। वहीं, जिला प्रशासन को अनधिकृत बोरवेल के खिलाफ कार्रवाई की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मीणा ने कहा कि बारिश के अधिकतम पानी को शहर में ही रोकने का प्रयास होना चाहिए, ताकि यह ड्रेन में बहकर व्यर्थ न जाए। इसके लिए प्राकृतिक जलाशयों को पुनर्जीवित करने, अतिक्रमण हटाने, ग्रीन बेल्ट का स्तर नीचे करने और पार्कों को जरूरत के अनुसार बायो-स्वेल के रूप में विकसित करने की योजना है। जीएमडीए फुटबाल स्टेडियम को अपग्रेड करने की योजना रखता है। ऐसे में टीसीएस के सहयोग से सेक्टर-38 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम के फुटबॉल ग्राउंड के नीचे अंडरग्राउंड टैंक बनाने की फिजिबिलिटी स्टडी करा रहा है।
मीणा ने एसटीपी से मिलने वाले टर्शरी ट्रीटेड पानी के अधिक से अधिक पुन: उपयोग पर जोर दिया। टेक्सटाइल इंडस्ट्री को जीएमडीए की ओर से 10 एमएलडी शोधित पानी दिया जा रहा है। अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी शोधित पानी का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में एसटीपी निर्धारित मानकों के अनुसार चल रहे हैं या नहीं, इसकी निगरानी हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करेगा। एसटीपी के लिए अलग बिजली कनेक्शन रखने और सोसायटियों में जीरो डिस्चार्ज नीति सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
आईआईटी दिल्ली के सहयोग से बन रहे पांच रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर
जीएमडीए आईआईटी दिल्ली के सहयोग से पांच आधुनिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर तैयार कर रहा है। सेक्टर-31, सेक्टर-39 और सेक्टर-55 एआईटी पार्क में तीन स्ट्रक्चर बन चुके हैं, जबकि रेजांगला चौक पर चौथे का काम जारी है। सफल परिणाम मिलने पर शहर के अन्य हिस्सों में भी ऐसे स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे। बैठक में मौजूद टेरी के प्रोफेसर अंशुमन ने तकनीक को प्रभावी बताया। नगर निगम आईआईटी गांधीनगर के सहयोग से इंजेक्शन वेल विकसित करेगा। तालाबों, झीलों और जोहड़ों को इस तरह विकसित करने पर जोर दिया जाएगा कि इनमें सिर्फ बारिश के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे साल पानी बना रहे।
32 तालाब पुनर्विकसित
हरियाणा वाटर रिसोर्स अथॉरिटी के अनुसार जिले में 142 तालाबों के पुनरुद्धार की योजना में 68 का काम पूरा हो चुका है, जबकि 74 पर काम चल रहा है। मनरेगा के तहत 21 अन्य तालाबों का भी पुनरुद्धार कराया गया है। नगर निगम क्षेत्र में 32 तालाब पुनर्विकसित हो चुके हैं और 21 पर काम जारी है। बैठक में डीसी उत्तम सिंह, निगमायुक्त प्रदीप दहिया, एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह, जीएमडीए अतिरिक्त सीईओ विश्वजीत चौधरी, मानेसर निगमायुक्त प्रदीप सिंह सहित केंद्रीय भूजल प्राधिकरण, हरियाणा वाटर रिसोर्स अथॉरिटी, सिंचाई विभाग और हाइड्रोलॉजिस्ट मौजूद रहे।