गुरुग्राम। दो कैदियों के हिरासत से फरार होने के मामले में तीन पुलिसकर्मियों सहित छह लोगों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह सांगवान ने बताया कि सोमवार को दुष्कर्म और डकैती के आरोप में जेल में बंद दो कैदियों को इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था। लौटते समय वे सभी गुरुग्राम के सेक्टर-38 स्थित एक निजी होटल में रुक गए। वहां से दोनों कैदी अभिरक्षा में तैनात तीनों पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गए। डीसीपी हेडक्वार्टर आस्था मोदी ने तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के साथ ही विभागीय जांच का आदेश दिया है।
एसीपी ने कहा कि सदर थाना पुलिस ने पुलिसकर्मियों और होटल संचालक समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो आरोपी बदमाशों के साथी हैं। जांच में पता चला है कि इन्हीं दोनों की मदद से कैदी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मियों को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए एक दिन के रिमांड पर लिया है। होटल संचालक समेत बाकी तीन अन्य आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया।
एसीपी क्राइम के अनुसार गोरखपुर निवासी अभिजीत को 2021 में दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जबकि बल्लभगढ़ निवासी राकेश को डकैती के मामले में 2017 में पकड़ा गया था। सोमवार को भोंडसी जेल में बंद इन दोनों ही बंदियों को जांच के लिए दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल ले जाया गया था। दोनों एक ही बैरक में बंद थे। हेड कांस्टेबल नीशू, अनिल और कांस्टेबल नवीन इन दोनों को लेकर गए थे। शाम को अस्पताल में जांच के बाद तीनों पुलिसकर्मी बदमाशों को लेकर गुरुग्राम आ गए। यहां बदमाशों के कहने पर पुलिसकर्मी उन्हें सेक्टर-38 स्थित एक ओयो होटल ले गए। वहीं से दोनों फरार हो गए। एसीपी ने बताया कि छानबीन के दौरान गेस्ट हाउस संचालक नितिन भारद्वाज और अरविंद उर्फ अनूप निवासी झाडंसा के साथ अजय जाखड़ निवासी नाहरपुर को गिरफ्तार किया गया। अरविंद और अजय स्कूटी से होटल पहुंचे थे और उसकी चाबी दोनों कैदियों को दे दी।