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सड़क पर दिखा हड़ताल का मिला-जुला असर

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गुरुग्राम। ट्रांसपोर्टरों की एक दिन की हड़ताल का गुरुग्राम में मिलाजुला असर देखने को मिला। दिल्ली एनसीआर के ट्रक, कैब, निजी बस संचालक सहित अन्य वाणिज्यिक वाहन संचालक हड़ताल में शामिल हुए। बड़े ट्रांसपोर्टर जहां हड़ताल पर रहे। वहीं, छोटे ट्रांसपोर्टरों ने अपने वाहनों को सड़कों पर उतारा। हालांकि कैब चालकों ने भी हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की थी लेकिन लोगों को अपने गंतव्य की ओर जाने के लिए कैब भी सामान्य रूप से मिलती रही। हालांकि अन्य दिनों की तुलना में शहर में कैब व अन्य वाहनों की संख्या बेहद कम देखने को मिली।
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इसके अलावा हड़ताल में स्कूलों में अनुबंधित आधार पर लगी हुई निजी बस मालिकों के भी शामिल होने से छात्रों व अभिभावकों को परेशानी हुई। कुछ स्कूलों ने हड़ताल के मद्देनजर छुट्टी भी कर दी। हड़ताल में शामिल ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल को कामयाब होने का दावा किया है।
ट्रांसपोर्टरों ने चालान की राशि कम करने, आरएफआईडी टैग को समाप्त किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर विरोध स्वरूप हड़ताल की घोषणा की थी। सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का ट्रांसपोर्टर विरोध कर रहे हैं। इसको लेकर एक दिन की सांकेतिक हड़ताल का आह्वान किया गया था। इसमें दिल्ली एनसीआर के ट्रक, कैब, निजी बस संचालक सहित अन्य वाणिज्यिक वाहन संचालक शामिल रहे। बृहस्पतिवार सुबह हड़ताल का कुछ देर के लिए असर देखने को मिला था, लेकिन दिन चढ़ने के साथ-साथ असर कम होने लगा। हालांकि अन्य दिनों की तुलना में सड़क पर वाहनों की संख्या कम दिखाई दी जिससे जाम की समस्या उत्पन्न नहीं हुई। शहर में दूध, सब्जियां, फल आदि जरूरत का सामान लेकर आने वाले माल ढुलाई वाहन सामान्य रूप से चलते रहे। मंडी में सब्जियां, फल लेकर आने वाले वाहन भी देर रात ही रोजाना की तरह अपने समय पर आने शुरू हो गए जो अल सुबह तक जारी रहे।
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हड़ताल के चलते प्रात: ऑटो चालकों ने जमकर चांदी काटी, उन्होंने ऑफिस व बच्चों को स्कूल ले जाने वाले अभिभावकों से मनमाना किराया वसूला। दिन में कैब के चलने के बाद ही उनकी मनमानी खत्म हुई।
हड़ताल का असर रोज मंडी पहुंचने वाली सामग्री पर देखने को नहीं मिला। सामान लेकर ट्रक रोजाना की तरह मंडी में आए हैं।
- दामोदर, आढ़ती खांडसा मंडी
ट्रक रात को ही चलते हैं। दिन में प्रवेश निषेध होने के कारण खड़े रहते हैं। हड़ताल का कोई असर देखने नहीं मिला। मंडी में स्थिति सामान्य दिनों की तरह देखने को मिली।
- गोपाल, आढ़ती
हड़ताल में ट्रांसपोर्टरों ने बढ़चढ़कर भाग लिया। जिले से संबंधित सभी ट्रांसपोर्टर हड़ताल में शामिल रहे। सभी ट्रक ट्राला पार्किंग में ही खड़े रहे। स्कूल बस संचालकों ने भी उनका साथ दिया।
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- प्रदीप मोदी, महासचिव, गुड़गांव ट्रांसपोटर्स वेलफेयर एसोसिएशन
दिल्ली-एनसीआर के कैब चालक हड़ताल में शामिल हुए। जिले से सुबह 5 बजे से ही कैब चालक अपनी गाड़ियों को खड़ा कर हड़ताल में शामिल होने दिल्ली चले गए।
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