गुरुग्राम। गुरुग्राम विश्वविद्यालय में शुक्रवार को गुरुग्राम विश्वविद्यालय, हरियाणा रिन्युएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (हरेडा) और मेवात इंजीनियरिंग महाविद्यालय नूंह के बीच एक एमओयू साइन हुआ। जिसके तहत तीनों संस्थान ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। तीनों संस्थान सामूहिक रूप से समय-समय पर संगोष्ठी, सम्मेलन और कार्यशाला आयोजित कर ज्ञान का आदान-प्रदान करेंगे।
कुलपति डॉ. मार्कण्डेय आहूजा ने बताया कि एमओयू तीनों संस्थानों के बीच और साथ ही साथ छात्रों को समाज के लिए अपने जीवन को और अधिक उपयोगी बनाने के लिए मदद करेगा। जनसंख्या में वृद्धि के साथ, ऊर्जा की आवश्यकता भी लगातार बढ़ रही है। इसलिए ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा दक्षता के महत्व के बारे में आम जनता में जागरूकता करने की जरूरत है। बिजली बचाना, बगैर पैसे का ऊर्जा उत्पादन है। विद्युत, कोयला अथवा अन्य किसी भी तरह से ऊर्जा उत्पादन इकाइयों के स्थापना से प्रकृति के मूल स्वरूप में तब्दीली होती है। मानकों की उपेक्षा से प्रदूषण की भी समस्या उत्पन्न होती है। हरेडा के डीजी डॉ. हनीफ कुरैशी ने कहा कि दुनियाभर में पिछले कुछ दशकों में जनसंख्या तेजी से बढ़ी है और उसी के अनुरूप ऊर्जा की खपत भी निरंतर बढ़ रही है, लेकिन दूसरी ओर जिस तेजी से ऊर्जा की मांग बढ़ रही है, उससे भविष्य में परंपरागत ऊर्जा संसाधनों के नष्ट होने की आशंका बढ़ने लगी है। इस मौके पर मेवात इंजीनियरिंग महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. ख्वाजा मोहम्मद रफी, गुरुग्राम विवि के रजिस्ट्रार डॉ. शशि भूषण भारती, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. अमन वशिष्ठ आदि उपस्थित रहे।