पुलिस ने अदालत में चार्जशीट जमा की, आरोपी के भाई-भतीजे समेत 33 गवाह बनाए
अदालत ने चार्जशीट को स्वीकार कर अगली तारीख 24 अक्तूबर लगाई
10 जुलाई 2025 को सुशांत लोक-दो में राधिका यादव की हत्या की गई थी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव हत्या से तीन दिन पहले शहर की सबसे महंगी सोसाइटी मंगोलिया में टेनिस की कोचिंग देने के लिए कॉन्ट्रेक्ट साइन करने गई थी। उसने यह बात अपने एक दोस्त को बताई थी। राधिका ने बताया था कि अपने ही घर में उसका दम घुटने लगा है। परिवार के सदस्य उस पर विश्वास नहीं करते। पुलिस की तरफ से अदालत में चार्जशीट जमा कर दी गई है।
पुलिस ने आरोपी के भाई-भतीजे समेत 33 गवाह बनाए हैं। अदालत ने चार्जशीट को स्वीकार करते हुए अगली तारीख 24 अक्तूबर लगाई है। 10 जुलाई 2025 को सुशांत लोक-दो में राधिका यादव की उसके पिता दीपक यादव ने चार गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। मृतका के चाचा ने पुलिस को बताया था कि 2023 में राधिका के कंधे में चोट लग गई थी, इसके बाद उसने खेलना बंद कर दिया था। इसके बाद एकेडमी में कोचिंग देनी शुरू कर दी थी।
आरोपी पिता ने बचे हुए कारतूस बताए थे कासन गांव में, बाद में घर से हुए बरामद
10 जुलाई को पुलिस को निजी अस्पताल से सूचना मिली थी कि राधिका की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। जब पुलिस टीम उसके घर पर पहुंची तो आरोपी पिता ने पुलिस को अपनी लाइसेंस रिवाॅल्वर खाना पैक करने वाले कागज में लपेटकर दे दी थी। उसने बताया था कि बेटी राधिका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेनिस खेली है और ट्राॅफी भी जीत कर लाई थी। वह अपनी एक एकेडमी में कोचिंग देती थी। जब वह अपने वजीराबाद गांव में दूध लेने के लिए जाते थे तो लोग बोलते थे कि बेटी की कमाई खाता है और बेटी के चरित्र पर भी उंगली उठाते थे। उसने बेटी से एकेडमी बंद करने के लिए भी बोला था लेकिन उसने बंद करने से मना कर दिया। इससे उसको टेंशन रहने लगी थी।
सुबह करीब साढ़े 10 बजे वह रसोई में खाना बना रही थी तो उसी दौरान तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी। रिमांड के दौरान पहले दीपक ने कहा था कि चार कारतूस उसने कासन गांव में खेत में बने एक कमरे में रखे हैं। दोबारा से दिए गए बयान में उसने बताया कि बेटी जब खाना बना रही थी तो उसने एक गोली कमर में मारी। गोली लगने से वह मुंह के बल गिर गई। इसके बाद उसने चार गोलियां पीछे से मारीं। राधिका के शरीर पर चार गोलियों के निशान मिले थे। बाद में पुलिस को बताया कि चार कारतूस कासन गांव में नहीं, उसके घर की एक अलमारी में रखे हुए है।
मां के मौखिक और लिखित बयान में फर्क
वारदात वाले दिन राधिका की मां मंजू यादव ने मौखिक तौर पर बताया था कि उसको बुखार था वह कमरे में लेटी हुई थी। उसे नहीं पता था कि राधिका की हत्या क्यों की गई। पुलिस को दिए गए लिखित बयान में बताया कि कुकर की सीटी की आवाज के साथ धमाके की आवाज सुनकर जब वह कमरे से बाहर आई तो देखा कि बेटी रसोई में पड़ी हुई थी। उसने घबराकर नीचे आकर परिवार वालों को बताया। इसके बाद वह घबराहट के कारण ऊपर नहीं गई थी।
दोस्तों से भी साझा किया था राधिका ने अपना दर्द
पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि राधिका की फरीदाबाद के सेक्टर-आठ निवासी आदित्य पंडित से बात होती थी। उससे बात करते हुए राधिका ने बताया था कि घर वाले खेलने के लिए मना कर रहे हैं। बोल रहे हैं कि भाई की शादी में दिक्कत आएगी। उसका घर से बाहर जाना भी बंद करने के साथ ही इंस्टाग्राम भी डिलीट करा दिया था।
दूसरे दोस्त दिल्ली के न्यू मुल्तान नगर निवासी अमर नाथ अरोड़ा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनकी मुलाकात करीब 12 साल पहले चंडीगढ़ में अंडर-16 टेनिस प्रतियोगिता में हुई थी। 2019 में उन्होंने खेलना छोड़ दिया था। राधिका से उनकी कोचिंग की फीस को लेकर बात हुई थी। उन्होंने बताया कि 40 हजार रुपये कोचिंग की फीस कम लग रही थी। मई 2025 में उन्होंने बताया था कि वह एकेडमी खोलने जा रही है। सात जुलाई को जब उन्होंने एकेडमी के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वह मंगोलिया सोसाइटी में कॉन्ट्रेक्ट साइन करने के लिए आई हुई है। वहां पर 30 प्रतिशत राशि सोसाइटी और 70 प्रतिशत राशि कोच को मिलती है। उन्होंने बताया था कि परिवार के लोग विश्वास नहीं करते हैं। इंस्टाग्राम से सभी को हटवा दिया है। मां हर जगह उनके साथ जाती है।