गुरुग्राम।
एससीईआरटी के दिशा-निर्देशानुसार डायट गुरुग्राम में आयोजित तीन दिवसीय संस्कृत भाषा कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सरोज कुमारी दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी गुरुग्राम सह डायट प्रिंसिपल के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ।
समापन सत्र के दौरान आईएफआईसी विंग इंचार्ज सोना यादव ने दहिया का स्वागत किया तथा तीन दिवसीय प्रशिक्षण के उद्देश्यों और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण में शिक्षकों को संस्कृत भाषा के नवीनतम शिक्षण पद्धतियों, तकनीकों एवं व्यवहारिक प्रयोगों से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के संस्कृत भाषा में प्रयोग पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। साथ ही, योग और ध्यान के माध्यम से स्मृति सुदृढ़ करने की विधियों, भाषाई कौशल विकास तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप भारतीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि संस्कृत भाषा का प्रचार-प्रसार केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर दैनिक जीवन का हिस्सा बने।
समापन अवसर पर अपने संबोधन में सरोज कुमारी दहिया ने कहा कि “संस्कृत हमारे वेदों की भाषा है, जिसमें हमारे समस्त ज्ञान का भंडार निहित है।” उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपनी कक्षाओं में लागू करें और विद्यार्थियों को केवल संस्कृत पढ़ने ही नहीं बल्कि संस्कृत बोलने और समझने के लिए भी प्रेरित करें।
उन्होंने प्रशिक्षण के सफल आयोजन के लिए सभी अधिकारियों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर डॉ. ओमबीर यादव (प्रशिक्षण प्रभारी), वरिष्ठ प्राध्यापक पृथ्वीराज, मास्टर ट्रेनर सत्यवान शास्त्री, अनिल शास्त्री, कामिनी राठी एवं श्वेता उपस्थित रहीं।
..........स्वरांजलि