गुरुग्राम। दिल्ली-एनसीआर में घरों और फैक्ट्ररियों के बाहर खड़ी कारों से तीन मिनट में साइलेंसर चोरी करने वाले गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को क्राइम ब्रांच मानेसर की टीम ने रविवार को गिरफ्तार किया। आरोपी साइलेंसर कैथलेटिक कंवर्टर (साइलेंसर में प्रयोग होने वाली करीब 900 ग्राम मिट्टी) निकालकर 50 से 70 हजार रुपये में बेचते थे। पकड़े गए आरोपियों में साइलेंसर खरीदने वाले भी शामिल हैं। पुलिस ने 93 साइलेंसर और खोलने वाले औजार बरामद किए हैं। चोरों के निशाने पर सबसे ज्यादा ईको कार रहती थीं।
एसीपी प्रीतपाल सांगवान ने बृहस्पतिवार को बताया कि रवि कुमार पाठक निवासी लालकुआं गांव झाड़सा गुरुग्राम की ईको कार से 29 जनवरी को साइलेंसर चोरी हो गया था। उसके बाद से पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। पकड़े गए आरोपी सन्नी निवासी बी ब्लॉक सुल्तानपुरी दिल्ली, श्याम लाल और विनोद हैं। पूछताछ में सामने आया है कि सन्नी गिरोह का सरगना है, जो अपने साथियों के साथ गाड़ियों और ऑटो में दिल्ली-एनसीआर में घरों व फैक्ट्ररियों के बाहर एकांत में खड़ी गाड़ियों की रेकी करता था। इसके बाद अपने साथ लाए औजार से तीन मिनट में साइलेंसर चोरी कर ले जाता था। एक रात में करीब आठ से दस साइलेंसर चोरी करते थे। वह दो माह में करीब डेढ़ सौ से अधिक वारदात कर चुके हैं। इसमें से सौ वारदात गुरुग्राम में की गईं हैं। वह चोरी करने के बाद साइलेंसर को श्याम और विनोद को बेचते थे। पुलिस ने कोर्ट में पेश कर आरोपियों को चार दिन की रिमांड पर लिया था। पुलिस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। आरोपी पहली बार पकड़े गए हैं। पुलिस आयुक्त केके राव ने सीआईए मानेसर प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप की टीम को इस खुलासे के लिए सम्मानित करने की घोषणा की है।
50 से 70 हजार में बेचते थे
आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि ईको गाड़ी सबसे ज्यादा उनके निशाने पर रहती थीं। साइलेंसर आसानी से खुल जाता है। कैथलेटिक कंवर्टर, ईको गाड़ी के साइलेंसर में अधिक मात्रा में होता है। जिसे आरोपी 50 से 70 हजार रुपये में बेचते थे। बरामद 93 साइलेंसर में से 35 साइलेंसर ईको गाड़ी के हैं।
किस इस्तेमाल में आती है मिट्टी