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Gurugram News: मार्च तक खेड़कीदौला टोल पर लगने वाले जाम से मिलेगी राहत

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कुकरोला में टोल बनाने के काम में तेजी लागने के दिए गए हैं निर्देश
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर के लोगों को इस साल खेड़कीदौला टोल पर लगने वाले जाम से राहत नहीं मिल पाएगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अनुसार कुकरोला में मार्च-2026 तक टोल तैयार करने का लक्ष्य है। पहले पचगांव में दिसंबर तक टोल शिफ्ट करने की तैयारी थी।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक योगेश तिलक ने बताया कि नई जगह पर काम चल रहा है। अधिकारी ने बताया कि टोल के जरूरी इंतजामों को पूरा कराने में मार्च तक का समय लग सकता है। टोल नई प्रणाली का होगा। ठेकेदार से काम में तेजी लाने को कहा गया है। बता दें कि दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) स्थित खेड़कीदौला टोल पर लगने वाले जाम से लोगों को परेशानी हो रही है। लोग टोल को हटाने के लिए साल 2015 से मांग कर रहे हैं। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) ने एनएचएआई को तीन माह पहले 28 एकड़ जमीन पचगांव में दी थी। एनएचएआई ने पचगांव में टोल शिफ्ट करने का काम शुरू किया तो लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। ऐसे में टोल को पचगांव से मानेसर की ओर कुकरोला में बनाने का निर्णय लिया गया। करीब दस दिन से सहरावन गांव के साथ कुकरोला गांव के राजस्व में टोल बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। अभी यहां पर टोल के प्रशासनिक भवन बनाने का काम चल रहा है। पहले पचगांव में टोल का काम दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य था। नई जगह पर काम शुरू होने से इसके कार्य में देरी हुई है।
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अभी जमीन एनएचएआई को नहीं हुई ट्रांसफर
एनएचएआई कुकरोला में मल्टी लेवल फ्री फ्लो टोल कलेक्शन (एमएलएफएफ) आधारित टोल बना रहा है। यहां पर 12 लाइन का टोल बनेगा। इसक अलावा एक-एक लेन स्थानीय वाहनों के लिए होगा। कुकरोला टोल बूथ पर वाहन चालकों को रुकने की आवश्यकता नहीं होती है। एचएसआईआईडीसी को कुकरोला में एनएचएआई को 28 एकड़ जमीन देनी है। एचएसआईआईडीसी ने एनएचएआई को जमीन ट्रांसफर नहीं किया है। हालांकि, जमीन ट्रांसफर करने की प्रक्रिया चल रही है।
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गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे का टोल होगा सामान्य
गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे पर जनौला गांव में बनने वाला टोल बूम बैरियर आधारित मैनुअल होगा। यह टोल स्वचालित नहीं होगा। एनएचएआई के अनुसार गुरुग्राम-रेवाड़ी हाईवे पर मल्टीलेवल फ्री फ्लो टोल कलेक्शन आधारित नहीं होगा। जनौला टोल अन्य टोल के तहत मैनुअल आधारित होगा। याोगेश के अनुसार, परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। दिसंबर तक हाईवे को खोलने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि 46 किमी हाईवे पर कई जगहों पर अंडरपास और आरओबी का काम पूरा किया जाना है।
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