गुरुग्राम। शहर में जुमे की नमाज को लेकर हिंदू संगठनों व स्थानीय लोगों द्वारा किए जा रहे विरोध पर मंगलवार को नागरिक एकता मंच ने प्रेसवार्ता कर अपनी बात रखी। मंच के पदाधिकारियों ने साफ कहा कि जिन जगहों पर जुमे की नमाज अदा की जाती है, वहां इससे किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं होती। संविधान में शांति से किसी भी धर्म के लोगों को अपनी धार्मिक गतिविधियों को करने का अधिकार है। नमाज पढ़ने के लिए उन्हें प्रशासन से स्थानों को लेकर किसी भी सूची की स्वीकृति की जरूरत नहीं है, हालांकि भाईचारा कायम रहे इसलिए वह सभी की आम सहमति से ही नमाज अदा करते आए हैं।
पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में हुई प्रेसवार्ता में मंच के पदाधिकारी अल्ताफ ने कहा कि गुरुग्राम शहर में पिछले कुछ समय से जुमे की नमाज के नाम पर जो नफरत फैलाने का काम किया जा रहा है वह सही नहीं है। हर शुक्रवार को जुमे की नमाज इसलिए खुली जगहों पर पढ़ी जाती है क्योंकि नए गुरुग्राम व पुराने शहर में बहुत कम मस्जिद बची हैं। इनमें भी जगह न होने, रखरखाव न होने की वजह से ज्यादा लोगों का नमाज पढ़ पाना मुश्किल है। बाजारों व मोटर सर्विस आदि की दुकानों पर काम करने वाले लोग जुमे की नमाज के लिए दुकान छोड़कर घर नहीं जा सकते, इसलिए वह नजदीक की जगह पर ही नमाज पढ़ लेते हैं। 2018 में चिह्नित 37 जगहों पर ही नमाज अदा की जा रही है, वहां नमाज से किसी भी तरह की कोई बाधा उत्पन्न नहीं होती। ऐसी जगहों पर छेड़छाड़, चोरी, छिनैती की घटनाओं का आरोप गलत है, पुलिस रिकार्ड में इस तरह का कोई केस नहीं है। जिन जगहों पर नमाज पढ़ी जाती है, उनमें से किसी भी जगह पर आज तक कब्जा आदि की कोई कोशिश नहीं हुई है।
उपायुक्त से मिले हिंदू संगठनों के लोग
सार्वजनिक जगहों पर जुमे की नमाज को लेकर विरोध करती आ रहीं गुरुग्राम संयुक्त हिंदू संघर्ष समिति, विश्व हिंदू परिषद आर्य समाज व भारत माता वाहिनी के पदाधिकारियों ने जिला उपायुक्त यश गर्ग से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद आयोजित हुई बैठक में भारत माता वाहिनी के दिनेश ठाकुर ने उपायुक्त से कहा कि शहर में खुले में होने वाली नमाज को रोका जाना चाहिए। इससे लोगों को परेशानी होती है। सभी हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि आगामी शुक्रवार को नमाज वाले स्थान पर गुरुग्राम हिंदू संघर्ष समिति ने जो भंडारा व अन्नकूट कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है उसमें सभी संगठन सहयोग करेंगे। बैठक में डीसीपी वेस्ट दीपक साहरन भी मौजूद रहे।
गुरुग्राम प्रशासन ने 8 निर्धारित स्थानों पर नमाज की अनुमति रद्द की
गुरुग्राम। स्थानीय लोगों और विभिन्न रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्लूए) के विरोध के बाद गुरुग्राम जिला प्रशासन ने मंगलवार को शहर में आठ जगहों पर नमाज पढ़ने की अनुमति को रद कर दिया। पुलिस के मुताबिक अन्य जगहों से भी लोगों की आपत्ति मिलने पर वहां भी रोक लगाई जा सकती है। इसके अलावा उपायुक्त डॉक्टर यश गर्ग ने नमाज अदा करने के स्थानों की पहचान करने के लिए एक समिति भी गठित की है। इस समिति में एसडीएम, एसीपी, हिंदू और मुस्लिम संगठनों के सदस्य और अन्य सामाजिक संगठन शामिल हैं। कमेटी यह भी सुनिश्चित करेगी कि किसी भी सड़क, मार्ग या सार्वजनिक स्थानों पर नमाज अदा न की जाए। गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता सुभाष बोकेन ने कहा कि नमाज किसी भी ईदगाह, मस्जिद या अपनी जगह पर ही अदा की जा सकती है। इसके अलावा किसी भी सार्वजनिक व खुले स्थान पर नमाज के लिए प्रशासन से सहमति जरूरी होगी। सभी पक्षों से बात करने के बाद यह कमेटी तय करेगी कि भविष्य में नमाज अदा करने के लिए किन जगहों का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि स्थानीय लोगों को कोई परेशानी न हो। बोकेन ने कहा कि दोनों संगठन कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाध्य हैं। किसी भी सार्वजनिक और खुले स्थान पर नमाज के लिए प्रशासन की सहमति जरूरी है। इस संबंध में गुरुग्राम पुलिस द्वारा विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं और पुलिस निगरानी कर रही है।
इन जगहों पर नहीं होगी इजाजत
प्रशासन के इस फैसले के बाद शहर के सेक्टर-49 स्थित बंगाली बस्ती, डीएलएफ-3 के वी ब्लॉक, सूरत नगर के फेज-वन, खेड़ी माजरा गांव के बाहर, दौलताबाद गांव के पास द्वारका एक्सप्रेस वे पर, सेक्टर-68 में रामगढ़ के पास, डीएलएफ स्क्वायर टावर के पास और गांव रामपुर से नखरौला रोड पर अब नमाज नहीं अदा कर सकेंगे।