चहारदीवारी के लिए आया था 10 लाख का बजट, अधिकारियों की लापरवाही से रद्द
संवाद न्यूज एजेंसी
नगीना। पीएम श्री योजना में प्रस्तावित कन्या स्कूल नगीना का शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दौरा किया। केवल 5 कमरों में यहां 900 से ज्यादा लड़कियों को शिक्षा दी जाती है, जो मानकों के अनुरूप नहीं है। इन कमरों में चारों तरफ मकड़ी के जाले भी दिखाई देते हैं, जिससे पता चलता है कि स्थानीय स्कूल प्रशासन अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है।
परिसर में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय है, जहां 11 कमरे, तीन लैब और दो लाइब्रेरी के लिए हैं। चहारदीवारी, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। ग्रामीण दावे कर रहे हैं कि पीएम श्री स्कूल शुरू होने से पहले जिला प्रशासन के साथ मिलकर इन्हें दुरुस्त करा दिया जाएगा। पूर्व जिला पार्षद इमरान खान ने अधिकारियों को बताया कि 23 सितंबर 2014 को बड़े आंदोलनों के बाद राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय नगीना को 12वीं का दर्जा मिला। स्कूल में दर्जनों गांवों की करीब 1000 लड़कियां शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। चार साल पहले 10 लाख 65 हजार रुपये चहारदीवारी के लिए आए, जो अधिकारियों की लापरवाही के कारण न बन सकी। कई माह पहले स्कूल का दौरा करने के बाद अतिरिक्त उपायुक्त रेनू सोगन ने शिक्षा मंत्रालय की उपसचिव प्रीती मीणा को विश्वास दिलाया था कि पीएम श्री स्कूल की रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसे अगले प्लान में योजनागत शामिल किया जाएगा। नूंह जिला शिक्षा अधिकारी परमजीत चहल ने बताया कि पीएम श्री के लिए राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को दूसरे चरण में चयनित किया गया है। यहां पर चहारदीवारी और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कोशिश चल रही हैं।
फाइल कैप्शन: विद्यालय का दौरा करती शिक्षा मंत्रालय की टीम