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कॉल सेंटर के पार्टनर को धमकाकर थाना प्रभारी ने लिए थे 57 लाख

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कॉल सेंटर के पार्टनर को धमकाकर थाना प्रभारी ने लिए थे 57 लाख
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- बिना कारण दो दिन तक पुलिस हिरासत में रखने का लगाया आरोप
- हवलदार समेत थाना प्रभारी निलंबित, शहर थाना प्रभारी को खेड़कीदौला में लगाया
- दो दिन के रिमांड पर है रंगेहाथ गिरफ्तार हवलदार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। लैपटॉप, चेकबुक समेत अन्य जरूरी दस्तावेज लौटाने की एवज में पांच लाख रुपये रिश्वत लेते हवलदार को राज्य सतर्कता ब्यूरो ने अदालत से दो दिन के रिमांड पर लिया है। पूछताछ में हवलदार ने कई खुलासे किये हैं। सोमवार रात को हुई कार्रवाई के बाद से खेड़कीदौला थाना प्रभारी निरीक्षक विशाल भी फरार है। पुलिस आयुक्त ने थाना प्रभारी समेत हवलदार अमित कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं, खेड़कीदौला थाने की कमान अब शहर थाना प्रभारी हरदीप हुड्डा को सौंपी गई है। शहर थाने में निरीक्षक हरदीप हुड्डा के स्थान पर निरीक्षक कृष्ण कुमार को लगाया गया है।
राज्य सतर्कता ब्यूरो के निरीक्षक त्रिभुवन शर्मा ने बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उत्तम नगर दिल्ली निवासी नवीन भूटानी दिल्ली में कॉल सेंटर चलाते हैं। उनके कॉल सेंटर में करनाल निवासी एक व्यक्ति साझेदार था। रुपयों के लेनदेन में विवाद होने के बाद अक्तूबर माह में साझेदार ने उन्हें गुरुग्राम में बुलवाया था। सेक्टर-29 स्थित अप्पू घर में मिलने के बाद यहां से कुछ पुलिसकर्मी नवीन भूटानी को लेकर खेड़कीदौला थाने पहुंच गए। आरोप है कि यहां तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक विशाल ने उनसे मारपीट करते हुए दो दिन तक अवैध रूप से हिरासत में रखा। उनका लैपटॉप, चेकबुक, एटीएम कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर अपने पास रख लिये। उसे छोड़ने की एवज में एक करोड़ रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। दो दिन बाद उन्होंने खेड़कीदौला थाना क्षेत्र के एक रिजोर्ट में ले गये। आरोप है कि थाना प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों ने यहां उनसे 57 लाख रुपये लिये। लैपटॉप व अन्य दस्तावेज वापस करने के नाम पर 10 लाखे और मांगे। दोनों के बीच अब पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।सौदा तय होने के बाद उन्होंने राज्य सतर्कता ब्यूरो को इसकी शिकायत दी, जिसके बाद सतर्कता ब्यूरो की फरीदाबाद टीम ने निरीक्षक त्रिभुवन शर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की।
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पल-पल की खबर ले रहे अधिकारी
रिश्वत लेने के मामले में हवलदार के रंगे हाथ गिरफ्तार होने व थाना प्रभारी के फरार होने की चर्चा दिन भर महकमें में चलती रही। हालांकि इस बारे में किसी भी अधिकारी ने खुलकर बात नहीं की। इस मामले में पांच अन्य के नामजद न होने से पुलिसकर्मियों के होश उड़े हुए हैं। वहीं, मामले में आला अधिकारी भी पल-पल की खबर ले रहे हैं।
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