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Gurugram News: बदबू, शोर और शराबियों ने छीना लोगों का चैन

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सेक्टर-55 में बना डंपिंग यार्ड, 10 से अधिक सोसाइटियों के हजारों निवासी प्रदूषण और गंदगी से बेहाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-55 इन दिनों नरक में तब्दील होता जा रहा है। गोल्फ कोर्स रोड से सटी इस प्राइम लोकेशन पर स्थित करीब 10 से अधिक ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों के निवासी पिछले कई वर्षों से प्रशासन की अनदेखी और भ्रष्टाचार की मार झेल रहे हैं। बदबू, शोर और शराबियों ने यहां रहने वाले लोगों का चैन छीन लिया है। सेक्टर-55 के निवासियों और आरडब्ल्यूए सदस्यों ने अब प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।



निवासियों का आरोप है कि सेक्टर-55 स्थित करीब पौने चार एकड़ के एचएसवीपी प्लॉट को
अवैध कचरा डंपिंग स्थल बना दिया गया है। यहां घाटा गांव और आसपास के क्षेत्रों से घरेलू कचरा और निर्माण सामग्री का मलबा डाले जा रहे हैं। इससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है और धूल के गुबार से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
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समस्या का समाधान नहीं करने पर करेंगे आंदोलन


आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि सत्यपाल कांबोज ने बताया कि पिछले दिनों काफी संघर्ष के बाद नगर निगम ने सफाई तो की थी लेकिन कुछ ही दिनों में दोबारा डंपिंग शुरू हो गई। उनका कहना है कि प्रशासन द्वारा बनाई गई सुरक्षा दीवार को भी तोड़ दिया गया जिससे यह जगह असामाजिक तत्वों और कचरा बीनने वालों का अड्डा बन गई है। सेक्टर-55 और 56 मेट्रो स्टेशन के आसपास ग्रीन बेल्ट में अवैध सब्जी मंडी संचालित हो रही है जिससे ट्रैफिक जाम और गंदगी की समस्या बढ़ रही है। वहीं, रिहायशी इलाकों के पास स्थित शराब के अहातों के कारण देर रात तक होने वाले शोर-शराबे से महिलाएं और बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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अवैध डंपिंग करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने की मांग
फोरम की ओर से एचएसवीपी प्रशासक वैशाली सिंह को भेजे गए पत्र में खाली प्लॉट की फेंसिंग, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी, स्ट्रीट लाइट, स्थायी पुलिस चौकी और अवैध डंपिंग करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने की मांग की गई है। साथ ही नगर निगम को तत्काल कचरा हटाने और क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने के निर्देश देने की अपील की गई है। निवासियों का आरोप है कि इस संबंध में राव नरबीर सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया और अन्य अधिकारियों को भी पहले कई बार अवगत कराया जा चुका है। सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज होने के बावजूद अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। ठोस कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन ही मिले हैं।
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