नई जगह नहीं मिली, कुकरौला में भी टोल प्लाजा बनाने का काम रूका
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। खेड़की दौला टोल प्लाजा को शिफ्ट करने का मामला एक बार फिर जमीन के विवाद में फंस गया है। जिला प्रशासन ने टोल प्लाजा के लिए पचगांव के बाद कुकरौला में जगह उपलब्ध कराई थी। हालांकि कुकरौला में सुरक्षा से जुड़ा मामला होने पर काम रुक गया था। करीब एक माह बाद भी टोल प्लाजा के लिए जमीन का हल नहीं निकला है। ऐसे में टोल प्लाजा शिफ्ट करने का मामला लगातार लटकता जा रहा है।
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित खेड़कीदौला टोल प्लाजा को शिफ्ट करने की योजना पर काम चल रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पहले पचगांव में 28 एकड़ जमीन मिली थी। इस पर जमीन पर जोरशोर से काम शुरू हुआ और लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के कारण टोल प्लाजा को सहरावन और पचगांव के बीच कुकरौला गांव के राजस्व में जमीन दी गई थी। इस पर काम शुरू हुआ तो सुरक्षा का हवाला दे दिया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि टोल प्लाजा पर सीसीटीवी कैमरे लगे होते हैं और इससे उन्हें दिक्कत है। ऐसे में टोल प्लाजा की जगह को बदला जाए। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इसके बाद टोल प्लाजा के लिए निर्माण कार्य रोक दिया गया था। अभी टोल प्लाजा के लिए उपयुक्त जमीन पर फैसला नहीं हो सका है।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक योगेश तिलक ने बताया कि जल्द जमीन संबंधी समस्या को हल कराया जाएगा। बता दें कि 31 अक्तूबर को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने टोल प्लाजा मामले पर अधिकारियों के साथ बैठक की थी। मंत्री ने कहा कि एनएचएआई के अधिकारियों से टोल मामले में विस्तार से चर्चा की थी। मंत्री ने कहा था कि चिन्हित जमीन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील क्षेत्र है। संबंधित अधिकारियों ने कुछ आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने एनएचएआई को निर्देश दिया था आपत्तियों पर विचार करते हुए निवारण या वैकल्पिक स्थान की दिशा में आगे बढ़ा जाए।
साल 2015 से टोल प्लाजा हटाने की मांग चल रही
खेड़की दौला टोल प्लाजा से मानेसर और आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। टोल प्लाजा हटाने के लिए लोग साल 2015 से मांग कर रहे हैं। इस पर पचगांव में टोल प्लाजा बनाने के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) ने एनएचएआई को 28 एकड़ जमीन दी थी। एनएचएआई ने पचगांव में टोल प्लाजा शिफ्ट करने का काम शुरू किया तो लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। इसके बाद टोल प्लाजा को पचगांव से मानेसर की ओर कुकरौला में बनाने का निर्णय लिया गया। कुकरोला में टोल प्लाजा बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। चिन्हित स्थान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील क्षेत्र होने अब निर्माण प्रक्रिया रुक गई है। नई जगह पर मल्टी लेवल फ्री फ्लो टोल कलेक्शन (एमएलएफएफ) आधारित टोल प्लाजा बन रहा है। यहां पर 12 लेन का टोल प्लाजा होगा। एक-एक लेन स्थानीय वाहनों के लिए होगी।
खेड़कीदौला टोल प्लाजा शहर के विकास में बाधा बना हुआ है। इसे हटाने के लिए लंबे समय से मांग चल रही है। सरकार को जमीन संबंधी समस्या को जल्द दूर करना चाहिए।
-महाराम यादव, खेड़कीदौला
खेड़कीदौला टोल प्लाजा होने से मानेसर के लोगों को ज्यादा परेशानी होती है। अब तो खेड़कीदौला टोल का रेट और बढ़ गया है। सरकार को जल्द हटाना चाहिए।
-रवीन्द्र उर्फ रिब्ब्न फौजी, पार्षद