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Gurugram News: एनआईए के हाथों मेंं गई रेस्टो बार धमाके की जांच

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एनआईए के हाथों मेंं गई रेस्टो बार के बाहर धमाके की जांच
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- एसआईटी ने अपनी जांच से संबंधित रिपोर्ट एनआईए टीम को सौंपी

- विगत दस दिसंबर को सेक्टर-29 स्थित रेस्टरे बार के बाहर हुए थे दो धमाके



अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। सेक्टर-29 स्थित रेस्टो बार के बाहर हुए दो बम धमाकों के मामले में आगे की जांच अब एनआईए की टीम करेगी। पूर्व में गुरुग्राम पुलिस द्वारा गठित की गई एसआईटी ने इस मामले में अपनी जांच से संबंधित रिपोर्ट एनआईए को सौंप दी है। विगत 30 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्रालय के आतंकवाद निरोधक एवं कट्टरपंथी निरोधक प्रभाग के आदेश के बाद यह कदम उठाया गया है। इस आदेश के बाद विगत 2 जनवरी को एनआईए की दिल्ली इकाई ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी।

एनआईए टीम को जांच स्थानांतरित होने के बाद इस मामले से संबंधित रिकॉर्ड गुरुग्राम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट से पंचकूला स्थित एनआईए की विशेष अदालत को सौंप दिए गए हैं। पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार एनआईए टीम ने इस प्रकरण में विगत दो जनवरी को बीएनएस की धारा-61 और 324 (4), गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
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बब्बर खालसा इंटरनेशनल के गोल्डी बरार का नाम आया था सामने:

विगत 10 दिसंबर की अलसुबह एक युवक द्वारा सेक्टर-29 में देसी बमों से किए गए दो धमाकों के मामले में पुलिस ने मौके से ही धर दबोचा था। आरोपी युवक ने खुद को सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बरार का आदमी बताया था। पुलिस का कहना है कि गोल्डी बरार विदेश में बैठकर प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल गैंग को संचालित कर रहा है।



कब क्या हुआ:
- 10 दिसंबर 2024 को सेक्टर-29 स्थित रेस्टो बार के बाहर देसी बम से दो धमाके किए गए। वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने मौके से सचिन तालियान निवासी मेरठ को मौके से ही दबोच लिया था। सचिन ने पुलिस को बताया कि उसने यह धमाके सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बरार के इशारे पर किए हैं। स्थानीय पुलिस के साथ ही एनआईए टीम भी यहां जांच के लिए पहुंची थी।



- सचिन के खुलासे के बाद अंकित कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि सेक्टर-29 के कुछ बार संचालकों से रंगदारी के साथ ही कारोबार में हिस्सेदारी की मांग की गई थी। बार संचालकों के मना करने पर उन्हें भयभीत करने के उद्देश्य से यह धमाके किए गए थे।



- 11 दिसंबर 2024 को सचिन के कबूलनामे के बाद सोनीपत और शाहदरा-दिल्ली निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया गया। कई दिनों की जांच के बाद 18 दिसंबर 2024 को इन दोनों युवकों को छोड़ दिया गया। इसके बाद एसआईटी ने बहादुरगढ़ से एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया।



- 30 दिसंबर 2024 को केंद्रीय गृह मंत्रालय के आतंकवाद निरोधक एवं कट्टरपंथी निरोधक प्रभाग ने इस मामले की जांच को एनआईए को अपने हाथ में लेने का आदेश जारी किया।
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- 02 जनवरी 2025 को एनआईए की दिल्ली इकाई ने बीएनएस की धारा-61 और 324 (4), गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की।



- 09 जनवरी 2025 को इस प्रकरण से संबंधित न्यायिक रिकॉर्ड गुरुग्राम की सीजेएम अदालत से पंचकूला स्थित एनआईए की विशेष अदालत में स्थानांतरित किया गया।



संजय शिशौदिया
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