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सुरजीवन भूमि घोटाला: जिला अदालत ने खरीदार कंपनी की याचिका दूसरी बार खारिज की, स्टे ऑर्डर बरकरार

Fri, 31 Oct 2025 11:13 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम
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भूमि पर यथा स्थिति बरकरार रखने का आदेश कायम, तीसरी बार लगा झटका
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संवाद न्यूज एजेंसी

तावड़ू। उपमंडल के अंतर्गत गांव बिस्सर अकबरपुर राजस्व क्षेत्र में स्थित सुरजीवन रिजॉर्ट भूमि से जुड़े विवाद में जिला अदालत ने खरीदार कंपनी को एक और बड़ा झटका दिया है। अदालत ने कंपनी की ओर से स्टे ऑर्डर को रद्द करने की याचिका को दूसरी बार खारिज कर दिया, जिससे भूमि पर यथा स्थिति बरकरार रखने का आदेश कायम है। इससे पहले भी इसी मामले से जुड़ी पंचायती भूमि की याचिका को खारिज किया जा चुका है, जिससे खरीदार कंपनी वालेंटियर डायनेमिक एलएलपी को अब तक तीन बार झटका लगा है।

रिजॉर्ट संचालक देवेंद्र श्रीवास्तव ने अदालत के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि भूमि पंजीकरण में नियमों का घोर उल्लंघन किया गया था। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस गैरकानूनी पंजीकरण को अदालत में चुनौती दी थी, जिस पर अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए स्टे ऑर्डर जारी किया था। खरीदार कंपनी ने अप्रैल में पहली बार और फिर 27 अगस्त को नूंह जिला अदालत में स्टे को चुनौती दी, लेकिन दोनों बार याचिका खारिज हो गई। श्रीवास्तव ने कहा कि यह फैसला न्याय की जीत है। पंचायती भूमि से जुड़े केस में भी कंपनी की याचिका खारिज हो चुकी है और सुनवाई जारी रहेगी। मामले में कथित रूप से करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार शामिल बताया जा रहा है। एक कंपनी ने वसीयत के आधार पर लगभग 18 करोड़ रुपये में यह जमीन खरीदी और जबरन कब्जे की कोशिश की। पूर्व में एसआईटी ने जांच की, लेकिन जिला प्रशासन की लापरवाही के कारण कोई नतीजा नहीं निकला।
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पंचायती भूमि की विरासत बदलने को भी अदालत में चुनौती दी गई है। यह मामला जिले में भूमि घोटालों की बढ़ती शृंखला का हिस्सा है। हाल ही में तावड़ू की सराय पंचायत और नूंह खंड की खेड़ला दोषा पंचायत में पंचायती जमीन का गलत हस्तांतरण और जबरन कब्जे का खुलासा हुआ। खेड़ला दोषा में एक भूमि माफिया ने सरपंच को जान से मारने की धमकी तक दी। इन घटनाओं से साफ जाहिर हो रहा है कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं पड़ रहा। जिला प्रशासन को इन भ्रष्टाचारों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
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