संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। पिछले करीब चार साल से गंगवानी गांव का मुख्य रास्ता जर्जर अवस्था में है। जिसकी ओर न तो जिम्मेदारों का ध्यान है और न ही विभागीय अधिकारियों का। आलम यह है कि कीचड़ भरे जर्जर रोड़ पर आय दिन हादसों का खतरा बना रहता है। हाल ही में खेतों से पशुओं के लिए चारा लेकर आ रही महिला फिसलकर गिर गई और चोटिल हो गई। ग्रामीणों ने कई बार विभाग को शिकायत देकर समस्या के बारे में अवगत कराया, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
ग्रामीण सुलेमान, दाऊद, इकबाल, हाजी मोहम्मद अल्ताफ सहित अन्य लोगों ने बताया कि गंदे पानी से सड़क पूरी तरह ढकी रहती है, जिससे राहगीरों को खतरा बना रहता है। कई बार लोग गिरकर घायल हो चुके हैं। वहीं गहरे गड्ढों के कारण किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। मस्जिद में नमाज पढ़ने जाने वाले नमाजियों को भी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनके कपड़े खराब हो जाते हैं।
ग्रामीण सुलेमान ने बताया कि इस रास्ते पर करीब 150 घरों की आबादी रहती है। गंदे पानी से बदबू और मच्छरों के बढ़ने से बीमारी फैलने का खतरा भी बना रहता है। यह मार्ग लुहिंगा, जाख, अकबरपुर, मल्हाका सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों को जोड़ता है।
गांव के सरपंच इरशाद का कहना है कि जलभराव के कारण सड़क बार-बार टूट जाती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए रास्ते के किनारे नाली बनाई जानी चाहिए और पानी की निकासी के लिए तालाब तक पाइपलाइन डाली जाए। तभी ग्रामीणों को इस समस्या से राहत मिल सकेगी।