गुरुग्राम। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भावना जैन ने आठ वर्षीय मासूम बालिका से दुष्कर्म के आरोपी पर छह पॉक्सो एक्ट के साथ-साथ धारा 376 ए तथा बी भी जोड़ दी हैं। यह धाराएं मानेसर महिला पुलिस थाना द्वारा आरोपी के खिलाफ पेश किए गए चालान के आधार पर जोड़ी गईं हैं। अब इस मामले में 22 अप्रैल को सुनवाई होगी।
पीड़िता को न्याय दिलाने में जुटी सामाजिक संस्था फरिश्ते ग्रुप की सचिव डॉ. अंजूरावत नेगी और कुलभूषण भारद्वाज ने बताया कि पीड़ित परिवार अत्यंत गरीब है। उसे आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। परिवार की ओर से उन्होंने अदालत में याचिका देकर आर्थिक मदद और पुनर्वास की गुहार लगाई है। जिससे कि पीड़िता का सही ढंग से पालन-पोषण भी कर सकें। क्योंकि अभी बच्ची स्वस्थ नहीं है। अदालत इस याचिका पर अगली तारीख में आदेश पारित करेगी। अदालत में बृहस्पतिवार को आरोपी भी पुलिस हिरासत में मौजूद रहा। जिसे अदालत ने आरोप पढ़कर सुनाए। उसके बाद ही उस पर आरोप तय किए गए।
24 मार्च को मानेसर स्थित महिला पुलिस थाना में पीड़िता के परिजनों ने शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि पड़ोस में ही रहने वाले उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिला निवासी आदर्श ने मासूम बालिका को बिस्कुट देने के बहाने अपने कमरे में बुलाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। जिसके आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल लिया था। जोकि अभी भी जेल में ही है। महिला पुलिस थाना प्रभारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरी जांच कराई और एक सप्ताह के भीतर ही फास्ट ट्रैक अदालत में आरोपी के खिलाफ चालान भी पेश कर दिया था। ताकि पीड़िता को न्याय और आरोपी को सजा मिल सके।