2018 में मिलना था पजेशन, कंपनी ने 2024 में दिया पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। यूनिट खरीदार को समय से एश्योर्ड रिटर्न न देने पर अब कंपनी को यूनिट लीज पर देने तक एश्योर्ड रिटर्न देना होगा। यह आदेश हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) गुरुग्राम के चेयरमैन अरुण कुमार ने दिया है।
हैदराबाद निवासी अश्विनी चड्ढा ने प्राधिकरण में दायर की याचिका में बताया कि नियो डेवलपर की तरफ से सेक्टर-109 में कॉमर्शियल प्रोजेक्ट में एक यूनिट 27 अप्रैल 2015 में बुक की थी। इसके लिए कंपनी के साथ 19.92 लाख रुपये में करार हुआ था। कंपनी की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि उन्हें 2018 में यूनिट का पजेशन मिल जाएगा। इसके साथ ही करार 27 अप्रैल 2017 से उन्हें 22,500 रुपये एश्योर्ड रिटर्न प्रति महीने दिया जाएगा जब तक उनकी यूनिट का लीज पर नहीं दे दिया जाता। सितंबर 2017 में उन्हें एश्योर्ड रिटर्न देना कंपनी ने बंद कर दिया। कंपनी की तरफ से दिसंबर 2024 को उन्हें पजेशन देने के लिए पत्र भेजा गया। एश्योर्ड रिटर्न न मिलने पर उन्होंने प्राधिकरण में याचिका दायर की। प्राधिकरण ने कंपनी को आदेश दिया है कि सितंबर 2017 से यूनिट को लीज पर देने तक यूनिट खरीदार को 22,500 रुपये का एश्योर्ड रिटर्न दिया जाए।