संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गलत जानकारी देने पर खारिज किए गए क्लेम को कंपनी को ब्याज समेत 55 हजार रुपये वापस करने होंगे। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के सदस्य ज्योति सिवाच ने दिया है।
मेवात के तावडू के वार्ड नंबर -5 निवासी नितेश रोहिल्ला ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उन्होंने एचडीएफसी एर्गो जनरल कंपनी से माता-पिता का बीमा कराया हुआ था। 30 मई 2024 को उनके पिता की तबियत खराब हुई तो उन्हें अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। जांच करने के बाद उनका डायबिटीज की बीमारी बताई गई थी। उपचार के लिए 55 हजार रुपये का खर्च आया था। कंपनी ने क्लेम खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने पॉलिसी लेते समय नहीं बताया था कि उनको डायबिटीज की बीमारी है।
आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद माना कि पॉलिसी देते हुए व्यक्ति की जांच करानी बीमा कंपनी की जिम्मेदारी होती है। ऐसे में खारिज किया गया क्लेम नौ प्रतिशत की दर से वापस करें। इस दौरान शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी होने पर 20 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 11 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।