उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को दिया मुआवजा देने का आदेश
15 हजार मिलेगा मुआवजा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा सिटी गैस कंपनी को बिल भरने की आखिरी तारीख से पहले ही उपभोक्ता का कनेक्शन काटने महंगा पड़ गया। उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को 15 हजार रुपये का मुआवजा देने का फैसला सुनाया। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है। दो महीने का बिल ज्यादा आने पर उपभोक्ता ने कंपनी से शिकायत भी की हुई थी।
सेक्टर-21 निवासी वीरेंद्र यादव ने आयोग में दी शिकायत में बताया कि वह हरियाणा सिटी गैस के नए उपभोक्ता थे। कंपनी ने 22 नवंबर 2025 को उन्हें 24 सितंबर से 22 नवंबर 2025 तक की अवधि का 12,240 हजार रुपये का बिल भेज दिया। इसमें 239 यूनिट गैस की खपत दिखाई गई थी। बिल की राशि अधिक होने पर उपभोक्ता ने 18 दिसंबर 2025 को कंपनी को ईमेल भेजकर मीटर की जांच कराने और बिल में सुधार की मांग की। आरोप है कि कंपनी ने समस्या का समाधान करने के बजाय 14 मार्च 2026 को संदेश भेजकर 20 मार्च तक बकाया राशि जमा करने को कहा था।
शिकायतकर्ता के आयोग में बताया कि भुगतान की अंतिम तारीख बीतने से पहले ही कंपनी ने बिना किसी पूर्व नोटिस के उनका गैस कनेक्शन काट दिया। उन्होंने कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र में कई बार शिकायत की और कनेक्शन बहाल करने की मांग की। इस मामले में कंपनी की तरफ से आयोग में कोई भी पक्ष नहीं रखा गया। आयोग ने कंपनी को उपभोक्ता का गैस कनेक्शन बिना किसी री-कनेक्शन शुल्क या पेनल्टी के तत्काल बहाल करने का आदेश दिया है। साथ ही विवादित 12,240 रुपये के बिल और मीटर की जांच कर आवश्यक सुधार करने को कहा है। इस दौरान शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी होने पर 15 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर हुए खर्च के लिए पांच हजार रुपये देने का आदेश दिया है।