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Gurugram News: प्रशासन के दावे खोखले, अनाज मंडी में बाजरे की खरीद को लेकर कोई तैयारी नहीं

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नूंह की अनाज मंडी में फसल लेकर पहुंचने किसानों को तो निराशा हाथ लगी
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न पोर्टल पर खरीद शुरू हुई और न पटवारियों द्वारा जमीन का सत्यापन किया गया
किसानों ने चेतावनी दी कि वह विरोध का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे

संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले की अनाज मंडियों में बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर प्रशासन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। नूंह की अनाज मंडी में जब किसान अपनी फसल लेकर पहुंचे तो उन्हें निराशा हाथ लगी। न तो पोर्टल पर खरीद शुरू हुई और न ही पटवारियों द्वारा किसानों की जमीन का सत्यापन किया गया।
किसानों ने बताया कि मंडी में खरीद की कोई ठोस तैयारी नजर नहीं आई। प्रशासन ने बाजरे की खरीद शुरू होने के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन हकीकत में कोई इंतजाम नहीं मिले। उन्होंने मंडी सचिव से बाजरे की खरीद को लेकर बात की तो उन्होंने पोर्टल चेक कराया, लेकिन वह नहीं चला। इतना ही नहीं उन्होंने चेक किया तो पटवारी द्वारा उनकी फसल का सत्यापन भी नहीं पाया। ऐसे में किसान अपनी उपज लेकर मंडी में कई घंटे इंतजार करते रहे। आखिरकार उन्हें सचिव ने आश्वासन दिया कि पोर्टल शुरू होते ही उनकी फसल को खरीद लिया जाएगा। ग्रामीण इलाकों से आए किसानों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि आधी-अधूरी तैयारी के साथ प्रशासन केवल कागजों में काम चला रहा है।
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किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पोर्टल शुरू कर जमीनों का सत्यापन और मंडी में खरीद की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे विरोध का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

प्रतिक्रिया

हम सुबह से मंडी में खड़े रहे, लेकिन खरीद का कोई इंतजाम नहीं था। पोर्टल ही नहीं खुला, तो हमारी बाजरे की फसल कैसे बिकेगी। सचिव से मिले तो उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द उनके बाजरे की खरीद कराई जाएगी।
-बिट्टू, किसान

सरकार दावे तो बड़े करती है, लेकिन सच्चाई यह है कि मंडी में किसानों के लिए न खरीद की व्यवस्था है और न ही पोर्टल शुरू किया गया है। फसल वापस ले जाने की मजबूरी है।
-कृष्ण कुमार, किसान

अगर प्रशासन की तैयारी ही नहीं थी तो खरीद शुरू होने की तारीख क्यों घोषित की गई। यह किसानों के साथ धोखा है। किसान असमंजस में है।
-बलजीत, किसान

जब से सरकार ने किसानों के साथ पोर्टल की बीमारी लगाई है तब से हम परेशान हैं। एक तरफ डीसी अखबारों में बाजरे खरीद की स्टेटमेंट दे रहे हैं दूसरी मंडी में लेना देना कुछ नहीं।
-जीतसिंह, किसान

नहीं हुई धान की खरीद
जिले में धान की कोई सरकारी खरीद नहीं होती। यहां केवल बासमती धान ही खरीदा जाता है जिसे प्राइवेट राइस मिलर्स व आढ़ती खरीद रहे हैं। किसानों की मांग है कि सरकार को यहां परमल धान की खरीदी भी करनी चाहिए, ताकि किसानों को फायदा हो सके जबकि अन्य जिलों में यह खरीद होती है।
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क्या कहते है अधिकारी
ई-खरीद पोर्टल में कुछ दिक्कत आ रही है, जिसके कारण किसानों की खरीद में फिलहाल दिक्कत है लेकिन इसका बहुत जल्द समाधान किया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिन किसानों की फसल का सत्यापन नहीं हुआ है उसे भी जल्द कराया जाएगा। यह सत्यापन जमीन की जमाबंदी के कारण थोड़ा लेट हुआ है। एक-दो दिन में इसे भी ठीक कर दिया जाएगा। जिन किसानों का बाजरा मंडी में आ चुका है और उनका गेट पास नहीं कटा है उनको रजिस्टर में नोट कर लिया गया है उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी।
-अंकिता पंवार, एसडीएम, नूंह
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