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Gurugram News: सायरन बजते ही सजग हुआ प्रशासन, बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने की तैयारियां परखीं

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- मॉक ड्रिल... डीएलएफ फेज-1, सिग्नेचर टावर अंडरपास और बसई पोंड क्षेत्र में चलाया रेस्क्यू अभियान
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- प्रशासन, सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य, पुलिस व अन्य विभागों ने संभाली मोर्चेबंदी

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बाढ़ समेत अन्य आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अपनी तैयारियों को परखा। बृहस्पतिवार को डीएलएफ फेज-1, सिग्नेचर टावर अंडरपास और बसई पॉड क्षेत्र में मॉक ड्रिल के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अभ्यास के दौरान 23 घायलों को रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा जलमग्न अंडरपास में वाहन फंसने के कारण डूबने की घटनाओं, बाढ़ के पानी में फैले करंट और खुले बिजली के तारों की चपेट में आने वाले लोगों के साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए लोगों को रेस्क्यू करने का भी अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल में मेडिकल टीमों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने सर्पदंश समेत विभिन्न आपात चिकित्सा स्थितियों से भी निपटने का अभ्यास किया।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष और डीसी उत्तम सिंह ने बताया कि लघु सचिवालय परिसर में सायरन बजते ही प्रशासनिक तंत्र तुरंत अलर्ट हो गया था। सूचना मिलते ही इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर सक्रिय किया गया और राहत एवं बचाव टीमों ने तय स्थानों पर पहुंचकर तत्काल मोर्चा संभाला। कंट्रोल रूम से इस दौरान पूरी गतिविधि की निगरानी की गई।
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बसई तालाब क्षेत्र में किया रेस्क्यू अभ्यास

अभ्यास के तहत भारी बारिश और जलभराव की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। डीएलएफ फेज-1 अंडरपास और सिग्नेचर टावर अंडरपास को संभावित प्रभावित स्थल के रूप में शामिल किया गया, जबकि वास्तविक रेस्क्यू और राहत गतिविधियों का संचालन बसई पॉन्ड क्षेत्र में किया गया। जलभराव की स्थिति को प्रभावी ढंग से दर्शाने और राहत एजेंसियों की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक परीक्षण करने के उद्देश्य से विभिन्न रेस्क्यू गतिविधियां आयोजित की गईं। राहत एजेंसियों ने तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। स्टेजिंग एरिया में एसडीएम बादशाहपुर संजीव सिंगला राहत टीम के साथ मौजूद रहे। राहत टीमों ने जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध करवाया।
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आपदा के वक्त शुरुआती कुछ घंटे सबसे महत्वपूर्ण : डीसी

डीसी उत्तम सिंह ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे समय में घायलों को सुरक्षित निकालना, समय पर अस्पताल पहुंचाना और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना राहत टीमों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पतालों में एंबुलेंस, दवाइयों, उपकरणों और मानव संसाधन की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में सही और प्रमाणित जानकारी समय पर लोगों तक पहुंचाना भी जरूरी है, ताकि अफवाहों को रोका जा सके। इस दौरान उन्होंने मॉक ड्रिल में भाग लेने वाले एनएसएस और एनसीसी कैडेट्स की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में सामुदायिक सहयोग और युवाओं की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। भविष्य में किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों को हमेशा सतर्क और समन्वित रहना होगा।
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