गुरुग्राम। नए शैक्षणिक सत्र 2022-23 के तहत शिक्षा निदेशालय ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की आईडी के माध्यम से दाखिला प्रक्रिया चलाने के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने शिक्षकों के व्यक्तिगत मैनेजमेंट इंफॉर्मेंशन सिस्टम (एमआईएस) से दाखिला देने या स्कूल छोड़ने संबंधी विकल्प दिए हैं, वहीं स्कूल की मैनेजमेंट इंफॉर्मेंशन सिस्टम (एमआईएस) पर बच्चों के विषय व रोल नंबर संबंधी कार्य होने हैं। शिक्षकों को अपने एमआईएस के साथ ही स्कूल के एमआईएस को भी चलाना पड़ रहा है, जबकि बीते सत्र में स्कूल के एमआईएस पर ही पूरी दाखिला प्रक्रिया संचालित होती रही है। विभाग के इन आदेशों से काफी शिक्षकों को परेशानी हो रही है, क्योंकि उन्हें ऑनलाइन कार्य करने नहीं आते।
शिक्षा विभाग ने स्कूल एमआईएस आईडी में बच्चों को विषय, रोल नंबर, सेक्शन बांटने व हाजिरी संबंधी कार्य करने के विकल्प दिए हैं। शिक्षकों के एमआईएस आईडी में नया दाखिला, ऑनलाइन एप्लीकेशन, पेंडिंग दाखिला, दोबारा दाखिला, स्कूल छोड़ने संबंधी प्रमाणपत्र आदि की जिम्मेदारी सौंपी है। काफी शिक्षकों को मोबाइल पर ऑनलाइन कार्य करना नहीं आता एवं वे दूसरों पर आश्रित होते हैं, वह कैसे दाखिला प्रक्रिया संबंधी कार्य कर पाएंगे। ऐसे में दाखिला प्रक्रिया कार्यों में कुछ गलतियां होने से इंकार नहीं किया जा सकता। शिक्षकों की एमआईएस आईडी दाखिला संबंधी कार्य किए जा जाने से स्कूल प्रभारी को भी जानकारी नहीं मिल सकेगी कि कितने बच्चों ने स्कूल छोड़ने के लिए प्रमाणपत्र मांगा है।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ गुरुग्राम के जिला प्रधान दुष्यंत ठाकरान का कहना है कि शिक्षकों की एमआईएस आईडी पर बच्चों के दाखिला पर जो प्रक्रिया चलाई हुई है, उससे शिक्षकों को परेशानी हो रही है। काफी शिक्षकों को मोबाइल पर दाखिला प्रक्रिया संबंधी कार्य नहीं करने आ रहे। विभाग को कार्यशाला का आयोजन करके इस बारे में प्रशिक्षण देना चाहिए था। बिना प्रशिक्षण कार्य करने से शिक्षकों से गलती होने की संभावना हैै।
एमआईएस पर दाखिला प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से ही आदेश दिए गए हैं, जिसके अनुसार ही जिला स्तर पर दाखिला संबंधी कार्य कराए जा रहे हैं।
- शशि बाला अहलावत, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम।