मलबे को हटाने का काम ठेकेदार ने छोड़ा अधूरा तो छात्रों से हटवाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। बाल मजूदरी को रोकने के लिए एक ओर जिला प्रशासन और विभिन्न संस्थाएं काम कर रही है। वहीं, दूसरी ओर बिछोर गांव में स्कूल में पढ़ने आए छात्रों को पढ़ाने की जगह शिक्षक मजदूरी करवा रहे हैं। मामला पुन्हाना के बिछोर गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल का है। स्कूल में ठेकेदार की ओर से मलबा हटाने का काम अधूरा छोड़ दिया गया तो शिक्षक छात्रों की मदद से मलबे को हटवा रहे हैं।
दरअसल, बिछोर गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में तकरीबन 12 कमरे काफी समय से खंडहर घोषित किए हुए है। इन्हें हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा साढ़े तीन लाख रुपये की बोली लगाकर ठेका दिया हुआ है। कमरों से निकलने वाले मलबे को भी ठेकेदार अपने साथ लेकर गया, लेकिन कुछ काम ठेकेदार अधुरा छोड़ गया। जिसे अब स्कूल का स्टाफ बच्चों से करा रहा है. जबकि ये काम ठेकेदार द्वारा मजदूरों से कराना चाहिए था।
प्रधानाचार्य हाथ में डंडा लेकर करा रहे बच्चों से कामः-
स्कूल में काम कर रहे बच्चों की ग्रामीणों ने वीडियो बनाई। इसमें स्कूल के प्रधानाचार्य हाथ में डंडा लेकर बच्चों से काम कराते हुए दिखाई दिए। जो बच्चे स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के आते है उन्हें मजदूरी का काम करते देख उनके अभिभावक भी अचंभित रह गए।
ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
बच्चों से मजदूरी कराने के मामले में ग्रामीणों ने स्कूल के अध्यापकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। बिछोर गांव के बनवारी लाल, मुकेश कुमार, अलीशेर सहित अन्य लोगों ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है। बच्चों को पढ़ने भेजा गया है न कि मजदूरी करने। बच्चों से मजदूरी कराने के मामले की जांच होनी चाहिए।
स्कूल में बच्चों से काम करना निंदनीय है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में ही तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्यवाही की जाएगी। -अजीत सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी