गुरुग्राम। हरियाणा सरकार के श्रम विभाग द्वारा वेतन संहिता, 2019 के अंतर्गत वेतन संहिता (हरियाणा) नियम, 2026 (प्रारूप) जारी कर उद्यमियों से सुझाव और आपत्तियां मांगी है। श्रम विभाग द्वारा नए श्रम वेतन संहिता के संदर्भ में नियम बना दिए हैं, यदि किसी भी उद्योग या संस्थान को कोई आपत्ति या सुझाव हो तो 30 दिनों के अंदर अंदर चंडीगढ़ संबंधित अधिकारी को भेज सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह वेतन संहिता श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उद्योगों की व्यावहारिक चुनौतियों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। श्रम मामलों के विशेषज्ञ एडवोकेट आरएल शर्मा ने कहा कि ये नियम राज्य के उद्योगों और कर्मचारियों दोनों के लिए व्यापक प्रभाव डालने वाले साबित हो। इन नए नियमों के तहत न्यूनतम वेतन निर्धारण अब वैज्ञानिक आधार पर किया जाएगा, जिसमें परिवार की आवश्यकताओं, पोषण, आवास, शिक्षा एवं अन्य खर्चों को शामिल किया गया है। इससे भविष्य में न्यूनतम वेतन में वृद्धि की संभावना बढ़ेगी, जिससे उद्योगों पर लागत का अतिरिक्त बोझ आएगा। संवाद