स्वरांजली
गुरुग्राम।
बुढेड़ा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की इमारत को जर्जर घोषित कर दिया गया है। वर्ष 1959 में बनी यह बिल्डिंग अब बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी है। छत से प्लास्टर झड़ रहा है। वहीं, बारिश की वजह से स्कूल की दीवारों पर सीलन आ गई है। दीवारें कमजोर हो चुकी हैं और स्कूल के भवन की स्थिति ऐसी है कि किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद स्कूल में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जर्जर घोषित इस स्कूल में बच्चों को सीने पर पत्थर रखकर पढ़ने भेजना लोगों की मजबूरी है।
विद्यालय में कक्षा 6वीं से 12वीं तक 353 छात्र और कक्षा एक से पांचवीं तक लगभग 150 छात्र अध्ययनरत हैं। स्कूल की दीवारों पर साफ देखा जा सकता है कि पेंट पूरी तरह उखड़ चुका है और जगह जगह से प्लास्टर झड़ रहा है। इसके बावजूद स्कूल में नियमित रूप से बच्चे आ रहे हैं और इन्हीं कमजोर इमारतों के बीच शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। जगह की कमी के चलते विद्यालय को दो पारी में चलाया जा रहा है। इससे न सिर्फ बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि उनकी सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।
बारिश में जलभराव, नही है सफाईकर्मी
बारिश के दिनों में स्कूल परिसर में पानी भर जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल में प्रवेश करना मुश्किल हो जाता है। वहीं, दूसरी तरफ स्कूल में कोई सफाई कर्मी भी नियुक्त नहीं है। इससे स्कूल परिसर की साफ सफाई भी नहीं हो पाती है।
विद्यालय रिपोर्ट
प्राइमरी विद्यार्थियों की संख्या 150 (पहली से पांचवीं)
सेकेंडरी विद्यार्थियों की संख्या 353 (छठीं से बारवहीं)
स्कूल में पीजीटी शिक्षकों की संख्या 11
स्कूल में टीजीटी शिक्षकों की संख्या 5
वर्जन
नए भवन निर्माण को लेकर 1.79 करोड़ का बजट जारी कर दिया गया है। प्रदेश के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने 12 जुलाई 2025 को इसकी नींव भी रख दी है लेकिन बारिश के कारण अभी काम रुका हुआ है।
-मंजू रानी, प्रधानाचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुढेड़ा।