- जिला मुख्यालय पर पेंशन योजना के विरोध में काले कपड़े पहनकर जताया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
हरियाणा में यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) लागू करने पर कर्मचारियों में नाराजगी है। शुक्रवार को गुरुग्राम के सभी विभागों के कर्मचारियों ने काला दिवस मनाया। कर्मचारी अपने कार्यालयों में काले कपड़े और काली पट्टी के साथ पहुंचे और यूपीएस का विरोध किया। कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर रोष मार्च निकाल कर उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
संगठन के जिला प्रधान सुशील कटारिया ने कहा कि यूपीएस की घोषणा से स्पष्ट है कि एनपीएस कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा नहीं देती। कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना की मांग कर रहे हैं। एनपीएस और यूपीएस उनकी मांग कभी नहीं रही। पहले एनपीएस और अब यूपीएस को जबरन थोपा जा रहा है। यह स्कीम कर्मचारियों के फायदे के लिए नहीं है, बल्कि एनपीएस के जरिए शेयर बाजार में निवेश की गई राशि रिटायरमेंट पर न निकले और यूपीएस के माध्यम से सरकार का अंशदान 14% प्रतिशत से बढाकर 18.5% करके शेयर बाजार में और अधिक राशि निवेश करने के लिए है। कर्मचारियों ने आपत्ति मांगे बिना यूपीएस नोटिफिकेशन जारी करने पर नाराजगी जताई।
इस दौरान हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के वरिष्ठ नेता सत्यनारायण यादव, कुलदीप खटाना, मनोज कुमार, राजकीय अध्यापक शिक्षक संघ के जिला प्रधान अशोक प्रजापत, जिला प्रधान सतपाल ने एनपीएस और यूपीएस की निंदा की।
31,555 ने ही अपनाया यूपीएस
विरोध प्रदर्शन में संयोजक रामधन खेड़ा व कोषाध्यक्ष जसविंद शास्त्री ने कहा कि एक अप्रैल से केन्द्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों पर यूपीएस लागू कर दी है। 30 जून तक यूपीएस चुनने का विकल्प कर्मचारियों को दिया गया लेकिन अभी तक 30 लाख केंद्रीय कर्मचारियों में से केवल 31555 कर्मचारियों ने ही यूपीएस को अपनाया है। केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में यह ब्योरा दिया है। महासचिव बलराज ने कहा कि एनपीएस औए यूपीएस को जबरदस्ती थोपा जा रहा है, जिस कारण देश और प्रदेश के कर्मचारियों में एनपीएस और यूपीएस को लेकर भारी नाराजगी है। प्रदर्शन में कर्मचारी नेताओं, नारी शक्ति की मौजूदगी रही।