संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई केवल किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों को नए तरीके से सीखने के लिए प्रेरित करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत स्कूलों में स्टेंबल लैब मॉडल शुरू किया जाएगा, जहां बच्चों को बिना डर के सवाल पूछने, नए प्रयोग करने और अपनी गलतियों से सीखने का मौका मिलेगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि कई बार छात्र गलती होने के डर से अपनी बात खुलकर नहीं रख पाते। ऐसे में उनका आत्मविश्वास प्रभावित होता है। इसका उद्देश्य बच्चों को ऐसा सकारात्मक माहौल देना है, जहां वे खुलकर अपनी सोच साझा कर सकें और सीखने की प्रक्रिया का आनंद ले सकें। स्कूलों में विज्ञान मॉडल निर्माण, समूह चर्चा, रोल प्ले, ब्रेनस्टॉर्मिंग, प्रोजेक्ट वर्क और गतिविधि आधारित पढ़ाई कराई जाएगी। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, तार्किक क्षमता, समस्या समाधान और टीमवर्क जैसे गुण विकसित किए जाएंगे। हर गतिविधि के बाद बच्चों को अपने अनुभव साझा करने का भी अवसर मिलेगा।
वर्जन
स्टेंबल लैब विद्यार्थियों को खुलकर सीखने का अवसर देगी। इस पहल से बच्चे बिना डर के सवाल पूछ सकेंगे और अपनी गलतियों से सीखते हुए नई चीजों को समझ पाएंगे। उन्होंने कहा कि गतिविधि आधारित पढ़ाई से विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ेगा, जिसका फायदा उन्हें भविष्य में भी मिलेगा।- सुरेंद्र, जिला विज्ञान विशेषज्ञ