755 करोड़ का टेंडर जारी, सिग्नल-फ्री होगा कॉरिडोर, जाम से लोगों को मिलेगी मुक्ति
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) पर एनएच-48 से वाटिका चौक तक आठ लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने, मेंटेनेंस, मैनेजमेंट और ऑपरेशन के लिए टेंडर जारी किया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 755 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कॉरिडोर को 30 माह में बनाने का लक्ष्य है।
जीएमडीए के अनुसार, वाटिका चौक और एनएच-48 के बीच 4.2 किमी लंबा सिग्नल-फ्री 4+4 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। वहीं, 3+3 लेन की प्राइमरी सर्विस रोड और 2+2 लेन की सेकेंडरी सर्विस लेन शामिल हैं। जंक्शनों पर दो-लेन के अप और डाउन रैंप होंगे। नेशनल हाईवे नेटवर्क के साथ आसान कनेक्टिविटी देने के लिए एनएच-48 पर एक इंटरचेंज भी बनाया जाएगा। पहले कॉरिडोर को छह लेन निर्माण की योजना थी।
गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी होगी बेहतर
इसके अलावा, प्रोजेक्ट के फेज II के हिस्से के तौर पर वाटिका चौक पर एक इंटरचेंज का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे सदर्न पेरिफेरल रोड और गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी और बेहतर होगी। एसपीआर ईस्ट-वेस्ट मोबिलिटी कॉरिडोर बनकर उभरा है, जो कई रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल सेक्टर को मुख्य सड़कों और नेशनल हाईवे से जोड़ता है।
यात्रा का समय होगा कम
अभी, द्वारका एक्सप्रेसवे या दक्षिणी गुरुग्राम/जयपुर से सोहना या फरीदाबाद की ओर जाने वाले यात्रियों को अक्सर बड़े हाईवे तक पहुंचने के लिए राजीव चौक या सुभाष चौक होते हुए शहर के अंदर के रास्तों से गुजरना पड़ता है। प्रस्तावित कॉरिडोर से यात्रा का समय कम होगा और शहर के व्यस्त चौराहों पर दबाव कम होगा।
दो भागों में विकसित किया जा रहा कॉरिडोर
एसपीआर को दो भागोंं में बांट कर विकसित किया जा रहा है। इसमें वाटिका से एनएच-48 को एलिवेटेड करने का टेंडर जारी कर दिया गया है। वहीं, वाटिका से घाटा गांव तक टेंडर जारी किया जाना है। जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने कहा कि गुरुग्राम में तेजी से शहरी विस्तार हो रहा है। शहर की बढ़ती मोबिलिटी जरूरतों को पूरा करने और इकोनॉमिक ग्रोथ बनाए रखने के लिए रोड इंफ्रास्ट्रक्चर मुख्य प्राथमिकता है। एसपीआर कॉरिडोर से कई सेक्टरों के लोगों को फायदा होगा, जिसमें नए डेवलप हो रहे रेजिडेंशियल और कॉमर्शियल क्लस्टर शामिल हैं।