मृतकों की पहचान औरैया (उत्तर प्रदेश) के पुरवा नया गांव निवासी अंकुश पाल (25) और इटावा (उत्तर प्रदेश) के वीना गांव निवासी विकास बाबू (20) के रूप में हुई है। पुलिस की छानबीन में सामने आया है कि अंकुश पाल कई साल पहले गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर स्थित एक निजी कंपनी में काम करता था। कंपनी में गाड़ियों के पार्ट बनाए जाते हैं। कुछ समय पहले ही अंकुश पाल ने अपनी बुआ के लड़के विकास को भी कंपनी में नौकरी लगवा दिया था। वे दोनों भाई नाहरपुर गांव में किराये पर रहते थे और दोनों की कंपनी में सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक शिफ्ट होती थी।
शनिवार की देर शाम 7 बजे शिफ्ट खत्म होने के बाद वे कंपनी से निकलकर बाइक पर सवार होकर नाहरपुर गांव में कमरे पर जा रहे थे। जब वे आईएमटी मानेसर के सेक्टर-7 में पटौदी रोड वाला कट के साथ वाइन शॉप के पास पहुंचे तो पीछे से तेज रफ्तार व लापरवाही में चल रहे कैंटर ने टक्कर मार दी। हादसे में अंकुश पाल व विकास बाबू गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना को अंजाम देकर कैंटर चालक मौके से गाड़ी सहित भाग गया।
हादसे की सूचना मिलते ही आईएमटी मानेसर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी पहुंचाया। परिवार वालों की शिकायत पर अज्ञात कैंटर चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
जांच अधिकारी अनिल ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई थी। फुटेज में कैंटर का नंबर स्प्ष्ट दिखाई नहीं दिया। ऐसे में आसपास लगे अन्य कैमरों की फुटेज खंगालकर कैंटर की पहचान की जाएगी। कैंटर चालक को गिरफ्तार करके आगामी कार्रवाई की जाएगी।